


लमगड़ा-वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा चंद्रशेखर घोडके द्वारा मासिक अपराध गोष्ठी में दिए गए निर्देशों का असर महज दो दिन बाद ही ग्रामीण क्षेत्र में दिखाई दिया। निर्देशों के क्रम में शनिवार रात लमगड़ा पुलिस ने ग्राम मिरौली स्थित मां भगवती मंदिर परिसर में रात्रि चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। चौपाल में वरिष्ठ नागरिकों, पेंशनरों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रतिभाग किया।अपर पुलिस अधीक्षक हरबन्स सिंह के मार्गदर्शन और सीओ अल्मोड़ा बलवंत सिंह के पर्यवेक्षण में आयोजित चौपाल में थानाध्यक्ष लमगड़ा प्रमोद पाठक ने ग्रामीणों की पुलिस से संबंधित समस्याएं, शिकायतें और सुझाव सुने। कई समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निस्तारण किया गया।पुलिस ने ग्रामीणों को साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को लेकर जागरूक किया। सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल,ऑनलाइन ठगी और डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें और संदिग्ध लिंक या कॉल से सावधान रहें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई।चौपाल में ग्रामीणों को भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों और उनके महत्व की जानकारी दी गई।सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने के लिए भी प्रेरित किया गया।महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की।वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए युवाओं को नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने का आह्वान किया गया। नशे से संबंधित गोपनीय सूचना के लिए मानस हेल्पलाइन 1933 की जानकारी भी दी गई।पुलिस ने ग्रामीणों से बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन कराने, खराब मौसम और बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने तथा प्रतिकूल परिस्थितियों में सावधानी बरतने की अपील की। रात्रि के समय जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।इसके साथ ही किसी भी आपात स्थिति में डायल 112, थाना लमगड़ा अथवा संबंधित पुलिस अधिकारियों को सूचना देने की अपील की गई।आपदा संबंधी सहायता के लिए 1070 हेल्पलाइन की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई।
