


अल्मोड़ा-कहते हैं कि किसी जरूरतमंद के जीवन में शिक्षा की रोशनी पहुंचाना केवल मदद नहीं बल्कि उसके पूरे भविष्य को बदलने जैसा होता है।मंगलवार को अल्मोड़ा में श्री भक्ति धाम आश्रम नौकुचियातल के तत्वाधान एवं साहित्य अदब ट्रस्ट द्वारा आयोजित सपनों को पंख कार्यक्रम में माँ अम्बे इंस्टीट्यूट के चेयरमैन ठा. संदीप सिंह ने इसी मानवीय सोच को धरातल पर उतारते हुए मेधावी विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने की ऐसी पहल की जिसने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का दिल जीत लिया।साहित्य अदब ट्रस्ट की संकल्प योजना सपनों को पंख का आयोजन मंगलवार को एडम्स सभागार में किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे ठा. संदीप सिंह ने विद्यार्थियों की प्रतिभा,मेहनत और परिस्थितियों को देखते हुए मंच से ही बड़ी घोषणा की।उन्होंने दो मेधावी विद्यार्थियों को माँ अम्बे इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में निःशुल्क नर्सिंग कोर्स कराने का ऐलान किया।जिस नर्सिंग शिक्षा के लिए विद्यार्थियों और उनके परिवारों को लाखों रुपये तक की फीस का इंतजाम करना पड़ता है वही शिक्षा इन दो प्रतिभावान विद्यार्थियों को बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाएगी।ठा. संदीप सिंह की पहल यहीं नहीं रुकी।उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद अन्य 20 मेधावी विद्यार्थियों को भी उनके पसंदीदा क्षेत्र में करियर बनाने के लिए हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जिस भी क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं उनकी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप उन्हें आगे बढ़ने में हरसंभव मदद की जाएगी।ठा. संदीप सिंह की इस घोषणा को महज आर्थिक सहयोग के तौर पर नहीं बल्कि जरूरतमंद और प्रतिभावान बच्चों के सपनों को हकीकत में बदलने की मानवीय पहल के रूप में देखा जा रहा है।अक्सर आर्थिक अभाव के कारण प्रतिभावान बच्चे अपनी पढ़ाई और करियर के सपनों को बीच में ही छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं।ऐसे में किसी सक्षम व्यक्ति द्वारा उनके सपनों की जिम्मेदारी उठाना उनके लिए नई उम्मीद पैदा करता है।कार्यक्रम में ठा. संदीप सिंह की पहल ने यह संदेश भी दिया कि समाज के सक्षम लोग यदि जरूरतमंद प्रतिभाओं का हाथ थाम लें तो आर्थिक मजबूरियां उनके रास्ते की सबसे बड़ी बाधा नहीं रह जाएंगी। आर्थिक रूप से कमजोर, मजबूरों और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने वाले ठा. संदीप सिंह को इस पहल के बाद एक बार फिर जरूरतमंदों के मसीहा के रूप में देखा जा रहा है।उनकी इस घोषणा से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में भी उत्साह का माहौल दिखाई दिया।सपनों को पंख जैसी पहल का उद्देश्य ही प्रतिभा को अवसर उपलब्ध कराना है और ठा. संदीप सिंह ने इसमें सहयोग का हाथ बढ़ाकर इस संकल्प को और मजबूत किया है।दो विद्यार्थियों को निःशुल्क नर्सिंग शिक्षा और 20 अन्य मेधावियों के करियर में हरसंभव सहायता का उनका वादा निश्चित रूप से इन बच्चों के भविष्य में मील का पत्थर साबित हो सकता है।शिक्षा के क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाओं का साथ देने की यह पहल इस बात की मिसाल है कि किसी के सपने को पूरा करने में मदद करना, उसके जीवन को नई दिशा देने के बराबर है।ठा. संदीप सिंह ने अपने इस निर्णय से न केवल दो विद्यार्थियों की शिक्षा की राह आसान की, बल्कि 20 अन्य युवाओं को भी यह भरोसा दिया कि उनके सपनों की उड़ान में समाज उनके साथ खड़ा है।
