अल्मोड़ा-भैंसियाछाना ब्लॉक के दियारी ग्राम के तोक सगबड़ा,बमन गांव और डूग्गा टाना में आपदा से प्रभावित परिवारों की समस्याओं और क्षेत्र की स्थिति का जायजा लेने मंगलवार को राज्यमंत्री कुंदन लटवाल प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सगबड़ा में पूर्ण विस्थापन प्रस्तावित होने के बीच राज्यमंत्री का प्रभावित गांवों तक पहुंचना सरकार की संवेदनशीलता और ग्रामीणों के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दे गया।उन्होंने अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनकी सुरक्षा एवं पुनर्वास को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।राज्यमंत्री के साथ ब्लॉक प्रमुख नीमा आर्य भी मौजूद रहीं।निरीक्षण के दौरान तहसीलदार,पटवारी,खंड विकास अधिकारी (बीडीओ), ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) समेत प्रशासन के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।अधिकारियों ने क्षेत्र में आपदा से हुए नुकसान, प्रभावित परिवारों की स्थिति तथा अब तक की गई राहत एवं बचाव कार्रवाई की जानकारी राज्यमंत्री को दी। मौके पर ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं और चिंताएं उनके सामने रखीं।प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों को फिलहाल सुरक्षित स्थान पर स्थित प्राथमिक पाठशाला में ठहराया गया है।प्रशासन की ओर से पूर्व में ही प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा चुकी है। ग्रामीणों के स्वास्थ्य को लेकर भी राज्यमंत्री ने तत्काल गंभीरता दिखाई और चिकित्सा अधिकारियों से वार्ता कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, जिसके बाद चिकित्सकीय टीम बुधवार को क्षेत्र का निरीक्षण करेगी।इससे ग्रामीणों में भी भरोसा बढ़ा है कि संकट की इस घड़ी में शासन-प्रशासन उनकी हर संभव मदद के लिए तत्पर है।
सगबड़ा में पूर्ण विस्थापन प्रस्तावित होने के कारण प्रभावित परिवारों के सामने सुरक्षित भविष्य और पुनर्वास की बड़ी चिंता है।ग्रामीणों के लिए यह केवल घर बदलने का विषय नहीं,बल्कि वर्षों से जुड़ी जमीन,यादों और जीवन के पूरे परिवेश से जुड़ा भावनात्मक सवाल है।ऐसे में सरकार की ओर से सुरक्षित और सम्मानजनक पुनर्वास की पहल ग्रामीणों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।राज्यमंत्री कुंदन लटवाल ने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। लोगों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है।सगबड़ा के पूर्ण विस्थापन का प्रस्ताव गंभीर विषय है और प्रभावित परिवारों के सुरक्षित एवं उचित पुनर्वास को लेकर सरकार पूरी तरह संवेदनशील है। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया गया है।जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी उसे प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।किसी भी प्रभावित परिवार को इस संकट की घड़ी में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की जरूरतों का तत्काल संज्ञान लेने तथा राहत, स्वास्थ्य सुविधा और पुनर्वास से जुड़े कार्यों में पूरी तत्परता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। राज्यमंत्री ने कहा कि आपदा के समय सरकारी व्यवस्थाओं का उद्देश्य केवल राहत सामग्री पहुंचाना नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों को यह भरोसा दिलाना भी है कि सरकार उनके साथ खड़ी है।भैंसियाछाना क्षेत्र में आपदा की सूचना के बाद राहत कार्यों को लेकर प्रशासन पहले से सक्रिय रहा है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर ठहराने के साथ राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई है और अब स्वास्थ्य सेवाओं को भी मौके तक पहुंचाने की पहल की गई है।ऐसे में राज्यमंत्री कुंदन लटवाल का अधिकारियों की पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेना सरकार की जमीनी सक्रियता और संवेदनशील प्रशासन को दर्शाता है।आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कुंदन लटवाल की भैंसियाछाना क्षेत्र में लगातार सक्रियता को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि इस दौरे में उनका पूरा फोकस आपदा प्रभावित परिवारों की सुरक्षा,राहत और पुनर्वास पर रहा।ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनना और मौके पर ही अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई करवाना उनकी जमीनी सक्रियता को दर्शाता है।निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं खुलकर रखीं और सरकार की ओर से मिल रहे सहयोग पर भरोसा जताया।राज्यमंत्री के दौरे से प्रभावित परिवारों में यह उम्मीद जगी है कि सगबड़ा के प्रस्तावित विस्थापन और पुनर्वास की प्रक्रिया को भी संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। संकट की इस घड़ी में सरकार और प्रशासन की सक्रियता ने ग्रामीणों को यह भरोसा दिया है कि आपदा चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हो सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *