अल्मोड़ा-मानवता आज भी जिंदा है और जरूरत के समय बढ़ाया गया एक हाथ किसी की पूरी जिंदगी बदल सकता है।इसका मार्मिक उदाहरण अल्मोड़ा जिला चिकित्सालय में देखने को मिला जहां आर्थिक तंगी और असहाय स्थिति से जूझ रहे सोमेश्वर निवासी एक बुजुर्ग के लिए रेडक्रॉस परिवार फरिश्ता बनकर सामने आया।करीब दो माह पूर्व कूल्हे की गंभीर चोट के कारण बुजुर्ग अपनी पत्नी के साथ जिला चिकित्सालय पहुंचे थे।आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि महंगे ऑपरेशन और इलाज की कल्पना भी उनके लिए असंभव थी।उम्र अधिक होने के कारण ऑपरेशन भी बेहद जटिल था।ऐसे में जब यह मामला जिलाधिकारी अंशुल सिंह के संज्ञान में आया तो उन्होंने मरीज के समुचित उपचार के लिए आवश्यक निर्देश दिए।इसी दौरान रेडक्रॉस के यूथ चेयरमैन अमित साह मोनू को इस परिवार की पीड़ा का पता चला।उन्होंने अपने साथियों के साथ अस्पताल पहुंचकर अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. अविनाश से मुलाकात की और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।इसके बाद शुरू हुआ इंसानियत का वह सफर जिसमें हर कदम पर किसी न किसी ने संवेदनाओं का हाथ बढ़ाया।रेडक्रॉस की टीम ने सबसे पहले मरीज की आर्थिक सहायता की व्यवस्था की।ऑपरेशन के लिए आवश्यक रक्त की व्यवस्था भी स्वयं रेडक्रॉस ने कराई ऑपरेशन से पहले मरीज का इको टेस्ट होना आवश्यक था। इस संबंध में डॉ. एन.एस. चौहान से अनुरोध किया गया जिन्होंने मरीज की आर्थिक स्थिति को देखते हुए बिना कोई शुल्क लिए इको जांच कर मानवता का परिचय दिया।इसके बाद अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. अविनाश ने चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को पूरी मेहनत,धैर्य और समर्पण के साथ सफलतापूर्वक संपन्न किया।चिकित्सकों की मेहनत,रेडक्रॉस के सहयोग और प्रशासन की संवेदनशीलता ने मिलकर उस बुजुर्ग को नई जिंदगी देने का काम किया,जिसके सामने कुछ समय पहले तक निराशा ही निराशा थी।बुधवार को जब बुजुर्ग स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हुए तो कहानी यहीं समाप्त नहीं हुई। रेडक्रॉस ने उनके घर लौटने के लिए वाहन की व्यवस्था की, आवश्यक उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराई और भविष्य में भी हर संभव मदद का भरोसा देकर उन्हें सम्मानपूर्वक उनके गांव के लिए विदा किया।अस्पताल से विदा होते समय बुजुर्ग दंपती की आंखों में खुशी और कृतज्ञता के आंसू थे,जो बिना कुछ कहे ही उन सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त कर रहे थे जिन्होंने मुश्किल घड़ी में उनका साथ निभाया।इस मानवीय प्रयास में जिलाधिकारी अंशुल सिंह, जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. हरीश गड़कोटी,अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. अविनाश,यूथ रेडक्रॉस चेयरमैन अमित साह मोनू, उपसचिव अभिषेक जोशी, रेडक्रॉस के प्रांतीय उपाध्यक्ष मनोज सनवाल,अध्यक्ष आशीष वर्मा,कोषाध्यक्ष दीप जोशी,रेडक्रॉस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. जे.सी. दुर्गापाल,यूथ रेडक्रॉस सचिव मनोज भंडारी ‘मंटू’,पार्षद कृष्ण बहादुर सिंह,पार्षद कुलदीप मेर ‘कम्मू’ तथा पार्षद विजय भट्ट ‘गुड्डू’ का विशेष योगदान रहा।यह केवल एक मरीज के इलाज की कहानी नहीं,बल्कि उस भरोसे की कहानी है जो बताती है कि जब समाज साथ खड़ा हो जाए तब मजबूरी भी हार जाती है और मानवता जीत जाती है।
