अल्मोड़ा-ग्राम प्रधानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर ग्राम प्रधान संगठन हवालबाग ने सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी के नाम सहायक खंड विकास अधिकारी हवालबाग के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व विकासखंड कार्यालय में आयोजित बैठक में ग्राम प्रधानों ने पंचायतों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर उनके समाधान की मांग उठाई। ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान ग्राम पंचायतों का गठन हुए लगभग एक वर्ष बीत जाने के बावजूद अधिकांश ग्राम पंचायतों के ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) के प्रस्ताव अभी तक ऑनलाइन अपलोड नहीं हो पाए हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। प्रधानों ने जीपीडीपी प्रस्तावों को शीघ्र ऑनलाइन अपलोड कराने तथा तकनीकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की। साथ ही वीबीजी-रामजी योजना में श्रमिकों की उपस्थिति एवं अन्य प्रक्रियाओं में ऑनलाइन व्यवस्था के स्थान पर ऑफलाइन प्रणाली लागू करने तथा पर्वतीय क्षेत्रों की परिस्थितियों के अनुरूप योजना के प्रावधानों में संशोधन की मांग भी उठाई। प्रधानों ने मांग की कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में अन्य विभागों द्वारा कराए जाने वाले विकास कार्यों के लिए ग्राम पंचायत की अनुमति और कार्य पूर्ण होने पर एनओसी अनिवार्य की जाए। इसके अलावा श्रमिकों की मजदूरी 300 रुपये से बढ़ाकर 700 रुपये प्रतिदिन करने, निर्माण सामग्री का भुगतान 15 दिनों के भीतर करने, वीबीजी-रामजी योजना में सुरक्षा दीवारों को शामिल करने, ग्राम पंचायतों को आवश्यक कार्य उपकरण उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक कार्य के एस्टीमेट में वर्कमेट का प्रावधान लागू करने की मांग की। प्रधान संगठन ने ग्राम प्रधान का मानदेय 15 हजार रुपये तथा उपप्रधान का मानदेय 5 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की भी मांग उठाई। संगठन का कहना था कि ग्राम प्रधान गांव के विकास की धुरी होने के साथ चौबीसों घंटे ग्रामीणों की सेवा में जुटा रहता है, इसलिए उसे उसके दायित्वों के अनुरूप सम्मानजनक मानदेय मिलना चाहिए। ज्ञापन देने वालों में प्रधान संगठन अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नयाल, महामंत्री विनोद जोशी, उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह मेहरा, नवीन भट्ट, पूरन सिंह, कमल भाकुनी, मनोहर सिंह, वीरेंद्र सिंह, नंदन सिंह, प्रकाश आर्या, ललिता देवी, हरीश आर्या, भावना देवी, ममता पांडे, सोनिया देवी, रमेश भोज सहित बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान, उप प्रधान मौजूद रहे।
