अल्मोड़ा-दिनांक 10 जुलाई को उत्तराखंड प्राथमिक शिक्षक संघ विकासखंड हवालबाग द्वारा टी ई टी अनिवार्यता समाप्त करने तथा पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं शिक्षा मंत्री उत्तराखंड सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया गया।इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए संगठन के ब्लॉक कोषाध्यक्ष पवन मुस्यूनी ने कहा कि वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना पूरी तरह अनुचित है।उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों ने पिछले 15–20 वर्षों से पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ शिक्षण कार्य किया है, उनसे अब टीईटी उत्तीर्ण करने की शर्त रखना न्यायसंगत नहीं है। संगठन इस निर्णय का पुरजोर विरोध करता है तथा सरकार से मांग करता है कि 2010 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से तत्काल मुक्त किया जाए।उन्होंने आगे कहा कि संगठन लंबे समय से शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत है तथा पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू किए जाने की भी मांग कर रहा है,जिससे शिक्षकों एवं कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के पश्चात सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्राप्त हो सके।संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र ही इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो उत्तराखंड प्राथमिक शिक्षक संघ चरणबद्ध आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप देगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।एवं इसी क्रम में आगामी 17 जुलाई 2026 को मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सांकेतिक धरना एवं ज्ञापन सौंपा जायेगा।वक्ताओं में हंसा दत्त शर्मा,नवीन जोशी,पूनम साह,ब्लाक कार्यकारिणी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन चंद्र पांडेय,जिला मंत्री जगदीश भंडारी समेत रमेश कांडपाल,अर्जुन सिंह बिष्ट,राकेश बिष्ट,सुरेश नैलवाल,हरि विलास पनेरु,संजय गुरुरानी, महेंद्र गुरुरानी,कमलेश जोशी, हर्षित जोशी,केवल प्रसाद,गणेश लाल, विनोद कुमार,पवन उपाध्याय, दर्शन सिंह, महेंद्र सिंह रावत,रेखा गोस्वामी,रीना खुल्बे,सविता सिंह,कविता गैड़ा,नितिका बिष्ट,नीतू मेहरा,रेखा मेहरा,रश्मि कालाकोटी,मीरा बोरा समेत हवालबाग ब्लाक के समस्त प्राथमिक शिक्षक शिक्षिकायें उपस्थित रहे।

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