अल्मोड़ा-वर्ष 2021 के एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े एक मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश श्रीकांत पांडेय की अदालत ने अभियोजन पक्ष के आरोप संदेह से परे सिद्ध नहीं होने पर तीनों अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन के अनुसार 19 फरवरी 2021 को एसओजी और चौखुटिया पुलिस ने चौखुटिया-खीड़ा सड़क पर तारा सिंह से 950 ग्राम चरस तथा मारुति ईको वाहन के टूल बॉक्स से 1.586 किलोग्राम चरस बरामद करने का दावा किया था। पुलिस ने मामले में चन्दन सिंह के मौके से फरार होने की बात भी कही थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 10 गवाह प्रस्तुत किए। अभियुक्त रमेश सिंह मेहरा की ओर से अधिवक्ता विनोद फुलारा एवं मोहन सिंह देवली तथा अभियुक्त तारा सिंह और चन्दन सिंह की ओर से अधिवक्ता दीवान सिंह बिष्ट एवं देवेश बिष्ट ने सभी गवाहों से विस्तृत जिरह की। बचाव पक्ष ने न्यायालय में तर्क दिया कि घटना के दिन एसओजी टीम और चौखुटिया थाना पुलिस अपने कार्यालय और थाने से रवाना ही नहीं हुई थी। साथ ही एफआईआर दर्ज करने सहित पुलिस कार्रवाई में गंभीर त्रुटियों तथा कथित घटनास्थल पर पुलिस की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष द्वारा आरोपों को संदेह से परे सिद्ध न कर पाने के आधार पर तीनों अभियुक्तों को दोषमुक्त करने का निर्णय सुनाया।

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