
अल्मोड़ा-उत्तराखंड सरकार में हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास परिषद के उपाध्यक्ष दर्जा राज्य मंत्री गोविंद सिंह पिलख्वाल ने गुरुवार को हवालबाग विकासखंड के डीनापानी स्थित पंचाचूली हैंडलूम्स एवं हिमाद्री हैंडलूम एंड क्राफ्ट यूनिट का भ्रमण कर वहां संचालित गतिविधियों का जायजा लिया।इस दौरान उन्होंने महिला बुनकरों एवं हस्तशिल्प से जुड़ी महिलाओं से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की तथा उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना।भ्रमण के दौरान पिलख्वाल ने महिला स्वयं सहायता समूहों एवं बुनकरों द्वारा तैयार किए जा रहे हस्तकरघा उत्पादों, ऊनी वस्त्रों, पारंपरिक शिल्पकला तथा स्थानीय हस्तनिर्मित उत्पादों का अवलोकन किया।उन्होंने कहा कि कुमाऊं की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प केवल रोजगार का साधन नहीं,बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।इन उत्पादों में पहाड़ की संस्कृति,लोक परंपराओं और स्थानीय कारीगरों की मेहनत की स्पष्ट झलक दिखाई देती है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग, डिजाइन विकास और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।इस अवसर पर महिला बुनकरों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि हस्तशिल्प एवं हथकरघा गतिविधियों से उन्हें आर्थिक मजबूती मिलने के साथ-साथ परिवार और समाज में सम्मान भी प्राप्त हो रहा है। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण गतिविधियों का अवलोकन किया गया तथा हस्तशिल्प उत्पादों के संरक्षण, संवर्धन और बेहतर विपणन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।पिलख्वाल ने कहा कि उत्तराखंड की पारंपरिक कला को नई पहचान दिलाने के लिए युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना समय की आवश्यकता है।उन्होंने आश्वासन दिया कि बुनकरों और शिल्पकारों की समस्याओं के समाधान तथा उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने हेतु हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी महिला समूहों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ स्वरोजगार के नए अवसर सृजित कर रही है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ रहा है और पारंपरिक शिल्पकला को भी नई ऊर्जा मिल रही है।इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य प्रदीप मेहता,पूर्व जिला पंचायत सदस्य महिपाल बिष्ट,जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) के सहायक प्रबंधक शंकर मेहता सहित अनेक गणमान्य लोग, महिला बुनकर एवं शिल्पकार उपस्थित रहे। दर्जा मंत्री पिलख्वाल ने कहा कि हाथों की मेहनत,परंपरा की विरासत और आत्मनिर्भरता का संकल्प ही उत्तराखंड के हस्तशिल्प एवं हथकरघा क्षेत्र की वास्तविक शक्ति है।
