अल्मोड़ा-कांग्रेस जिला महासचिव निर्मल रावत ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भाजपा द्वारा किए जा रहे प्रदर्शनों पर हैरानी जताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है।उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में पारित होकर कानून बन चुका है,इसकी आड़ में परिसीमन कानून लागू करने की मंशा को विफल होते देख केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारें अपनी हताशा प्रकट कर रही है।कांग्रेस और सहयोगी दलों ने भाजपा की नारी शक्ति वंदन अधिनियम की आड़ में छुपी मंशा को समझकर इस बिल का विरोध किया,जिससे भाजपा बौखलाई हुई हैऔर जनता को भ्रमित करने का काम कर रही है।उन्होंने अल्मोड़ा में हुए मंत्री के कार्यक्रम और भाजपा के प्रदर्शनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा के लोग खुद बिहार से 20,25 हजार में लड़कियां मिलती हैं सार्वजनिक मंचों से ऐसे बयान जारी करते हैं और उन्हीं से जुड़े लोग अल्मोड़ा में प्रेस कर महिला हित की बात करते हैं ये शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि महिला अपराधों में भाजपा के कई पदाधिकारियों का नाम आए दिन प्रदेश में आता रहता है, अंकिता भंडारी हत्याकांड में इनके नेता कार्यकर्ता आरोपियों के खिलाफ एक शब्द नहीं बोल पाते, ऐसे लोगों को महिला सुरक्षा और सम्मान की बात करने का नैतिक अधिकार नहीं है।निर्मल रावत ने भाजपा नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि एक भी प्रदर्शन या पुतला दहन अगर भाजपा नेताओं ने अंकिता भंडारी हत्याकांड पर किया हो तो बताएं। कहा कि ये लोग खुद ऐसे लोगों को फूल मालाओं से लादने का काम करते हैं, जिनका नाम इस हत्याकांड में लिया जा चुका है।भाजपा को महिला सुरक्षा पर बात करने का नैतिक हक नहीं है, ये सिर्फ अपने शीर्ष नेताओं की विफलता को छुपाने के लिए देश प्रदेश की जनता को भ्रमित करना चाहते हैं।

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