नैनीताल-तीन वर्ष से एक स्थान पर कार्यरत सदस्यों को जबरन हटाए जाने के विरोध व मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के कार्य दायित्व व गजट नोटिफिकेशन व गृह जनपद आबंटन हेतु मंडलीय बैठक दिनांक 11 दिसंबर 2022को होगी यह जानकारी
एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफीसर्स एसोसिएशन कुमाऊं मण्डल नैनीताल के सचिव धीरेन्द्र कुमार पाठक ने दी। उन्होंने कहा कि एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफीसर्स एसोसिएशन कुमाऊं मण्डल नैनीताल द्वारा शिक्षा मंत्री के उस निर्णय पर विरोध व्यक्त किया गया है जिसमें उनके द्वारा तीन वर्ष से अधिक समय एक स्थान पर कार्यरत कार्मिकों के स्थानांतरण की बात कही है।एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफीसर्स एसोसिएशन कुमाऊं मण्डल नैनीताल के अध्यक्ष जगमोहन सिंह खाती व सचिव धीरेन्द्र कुमार पाठक ने बताया कि सरकार व शासन द्वारा एक्ट लागू किया गया है किंतु एक्ट में मात्र 10 प्रतिशत स्थानांतरण किये गये और और बिना एक्ट के सौ फीसदी स्थानांतरण के लिए शिक्षा मंत्री द्वारा कार्यवाही की जा रही है।शिक्षा मंत्री के निर्देश पर विभाग द्वारा भी तुरंत पत्र निर्गत कर दिया गया है।संगठन का मानना है कि मिनिस्टीरियल संवर्ग के कार्मिकों द्वारा मात्र सूचना देने का व शिक्षणेत्तर गतिविधियां की जाती है और नीति निर्धारण में उनका न तो सहयोग लिया जाता है और न ही नीति निमार्ण हेतु आमंत्रित किया जाता है। इतना ही नहीं पदोन्नति व स्थानांतरण हेतु कमेटी में भी शामिल नहीं किया जाता है और एक्ट के बाबजूद भी मनमानी की जाती है।जब एक्ट लागू है तो फिर एक्ट के अतिरिक्त अन्य व्यवस्था क्या राज्य सरकार मनमाने फैसले ले सकती है।इन बातों के मध्येनजर कुमाऊं मण्डल के सभी जनपदों अल्मोड़ा,पिथौरागढ़,नैनीताल, ऊधम सिंह नगर,चंपावत,बागेश्वर के अध्यक्ष व सचिव व कार्यकारिणी सदस्य व आम सदस्यों की आनलाइन बैठक आहूत की गई है।इसके अतिरिक्त मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के कार्य व उत्तरदायित्व का भी निर्धारण शासन स्तर से नहीं किया गया है और गजट नोटिफिकेशन भी जारी नहीं हुआ व गृह जनपद आबंटन में भी नीतिगत निर्णय नहीं लिया जा रहा है।जिससे मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों में भी रोष व्याप्त है। 2018 से लगातार मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों की मांगों से संबंधित विषयों पर शासन और विभाग द्वारा कोई भी सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है और विभाग स्तर से जो कार्य व उत्तरदायित्व दिये गये है उसमें आफिस के सभी कार्य के निस्तारण के लिए कहा गया है लेकिन अधिकार कुछ भी नहीं है।एक्ट में जनपद के अध्यक्ष व सचिव को भी जनपद में रहने का अधिकार है लेकिन विभाग व शासनादेश की मनमानी व्याख्या कर जनपद में स्थान नहीं दिया गया है। इससे भी पदाधिकारियों में रोष व्याप्त है।विभाग को सर्वेक्षण में 35 वा स्थान मिला है तो इसके लिए मिनिस्टीरियल संवर्ग को बलि का
बकरा नहीं बनाया चाहिए बल्कि उन कारणों को ढूंढने की आवश्यकता है जिनके कारण यहां तक पहुंचे।स्पष्ट है कि जब मिनिस्ट्रीयल कार्मिकों से नीति निर्धारण में कोई सुझाव नहीं लिए जाते हैं और न ही उनसे सुझाव मांगे जाते हैं तो उन्हें जिम्मेदार ठहराना भी अलोकतांत्रिक फैसला है।सभी जनपदों सदस्यों से प्राप्त आम राय के आधार पर आवश्यक रणनीति तय की जायेगी।मंडलीय अध्यक्ष जगमोहन सिंह खाती,मंडल सचिव धीरेन्द्र कुमार पाठक ने कहा कि विभाग व सरकार को अपने निर्णयों व नीतियों की आज भी समीक्षा करने की आवश्यकता है। मिनिस्ट्रीयल कार्मिक दिन रात सूचना देने में तत्पर हैं और रहेंगे लेकिन उनके साथ खिलवाड़ किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।आनलाइन गोपनीय आख्या में भी शिकायत दर्ज हो रही है इस पर भी चर्चा होगी।अन्य समसमायिक समस्याओं पर भी विचार विमर्श होगा।
