देहरादून -भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रकाश रावत ने प्रैस को जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के करिश्माई नेतृत्व एवं प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के कुशल सांगठनिक प्रबंधन में हरिद्धार त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में 90 प्रतिशत प्रधानो/क्षेत्र पंचायत के पदों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज का रिकॉर्ड भाजपा ने बनाया है।मुख्यमन्त्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनपद हरिद्वार के जिला पंचायत अध्यक्ष,उपाध्यक्ष सहित सभी 6 क्षेत्र पंचायत प्रमुख, ज्येष्ठ उपप्रमुख,कनिष्ठ उपप्रमुख पदों पर निर्विरोध भाजपा का परचम लहराना ऐतिहासिक है।इन सभी पदों पर निर्विरोध जीतने का गौरव पहली बार किसी पार्टी को प्राप्त हुवा है तो वो भारतीय जनता पार्टी को हासिल हुआ है।भाजपा का अभी तक कभी ब्लॉक प्रमुख हरिद्वार ज़िले में नहीं बना।इस समय पहली बार निर्विरोध सभी विकास खंडों में प्रमुख भाजपा के जीते हैं।1989 के बाद 33 साल बाद ज़िला पंचायत पर भाजपा ने जीत दर्ज की। हरिद्धार की जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के विकास कार्यों एवं धामी के भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखण्ड के निर्माण व वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड देश का सबसे अग्रणी राज्य बनाने के विजन पर हरिद्वार की जनता ने मुहर लगाई है।प्रदेश प्रवक्ता प्रकाश रावत ने कहा कि स्पष्ट संकेत है कि जनता ने विकास के लिए भाजपा को वोट दिया है और भविष्य में होने वाले निकाय चुनावों व लोकसभा चुनावों में भी उत्तराखंड में पार्टी का एकतरफा जीतना तय है।उत्तराखण्ड को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य निर्माण के बाद ऐसे पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ कार्यवाही करने में सबसे बड़ा साहस दिखाया है।उत्तराखंड के इतिहास में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में अब तक की सबसे पारदर्शी व कठोरतम कार्यवाही की जा रही है। उनकी यह कार्यवाही ज़ीरो टोलरेंस ऑन करप्शन की नीति का शतप्रतिशत अमल दर्शाती है ।यूकेएसएसएससी स्नातक भर्ती पेपर लीक में रिकॉर्ड 42 गिरफ्तारियाँ हुई, जिनमे 21 के खिलाफ गैंगस्टर की कार्यवाही हुई।2015 के कॉंग्रेस शासनकाल में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी भर्ती घोटालों में भी एसटीएफ जांच बैठाकर यू के एस एस एस सी के तत्कालीन अध्यक्ष,सचिव व परीक्षा नियंत्रक की गिरफ्तारी साबित करती है कि दोषी बड़े से बड़ा अधिकारी हो या कितना ही प्रभावशाली व्यक्ति,उसे सलाखों के पीछे अवश्य पहुंचाया जाएगा।युवाओं का कीमती समय जाया न हो इसके लिए सभी प्रस्तावित परीक्षाएँ लोक सेवा आयोग से कराने का निर्णय लिया गया।

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