अल्मोड़ा-प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल अल्मोड़ा ने आज एक विस्तृत प्रेस वार्ता आयोजित कर क्वारब डेंजर जोन के समाधान की मांग की।इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य क्वारब राष्ट्रीय मार्ग की लगातार बिगड़ती स्थिति, बार-बार यातायात अवरोध और इसके कारण जनजीवन पर पड़ने वाले गहरे प्रभावों को प्रशासन और शासन तक गंभीरता से पहुँचाना था।व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष सुशील साह ने कहा कि क्वारब मार्ग केवल एक सड़क नहीं है।यह हमारे पूरे कुमाऊँ क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, पर्यटन,शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की धड़कन है।लेकिन आज यह धड़कन लगातार रुक रही है और सरकार केवल आश्वासन दे रही है।अब जनता के सब्र का बाँध टूट चुका है। कहा कि पिछले एक वर्ष से क्वारब मार्ग पर लगातार भूस्खलन और मलवा गिरने की घटनाएँ हो रही हैं।बरसात के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है जिसके कारण मार्ग कई-कई दिनों तक बंद रहता है।रात के समय यातायात पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाता है, जिससे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा असर पड़ता है।पर्यटन क्षेत्र जो कुमाऊँ की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है पर इसका सीधा नकारात्मक असर पड़ा है।दीपावली और अन्य त्योहारों के दौरान आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी बाधित हो रही है।छात्र-छात्राओं को समय पर विद्यालय और विश्वविद्यालय पहुँचने में कठिनाई होती है।मरीजों को समय पर अस्पताल ले जाने में गंभीर चुनौतियाँ आती हैं।कहा कि सड़क विभाग नेशनल हाईवे प्राधिकरण द्वारा बार-बार भूस्खलन रोकने हेतु स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए।परिवहन विभागट्रांसपोर्ट का भाड़ा सौ रूपये प्रति क्विंटल तक बढ़ चुका है।40% तक पर्यटक आवागमन प्रभावित हुआ है तथा होटलों की बुकिंग रद्द हो रही हैं।कई विद्यालयों और कॉलेजों की उपस्थिति में 25% तक गिरावट दर्ज।स्वास्थ्य सेवाएँ व आपातकालीन सेवाएँ बाधित है तथा एम्बुलेंस मार्ग में फँसने की घटनाएँ सामने आईं।मांग की कि मार्ग का 24 घंटे संचालन हो तथा
सभी प्रकार के वाहनों के लिए क्वारब मार्ग को निरंतर रूप से खुला रखा जाए।आपातकालीन स्थितियों के लिए विशेष प्रोटोकॉल तैयार हो।रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया जाए,ढलानों का सुदृढ़ीकरण हो।मशीनरी और संसाधनों की बढ़ोतरी की भी मांग की गई। कहा गया कि कम से कम 6 जेसीबी और अन्य आधुनिक मशीनों को निरंतर कार्य पर लगाया जाए तथा मलवा हटाने का कार्य 24×7 जारी रहे।इसके साथ ही विभागीय कार्यों की मासिक समीक्षा हो तथा ठेकेदारों की गुणवत्ता जांच की जाए।दीपावली और शीतकालीन पर्यटन सीजन को ध्यान में रखते हुए कार्य की समय-सीमा तय की जाए।व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन और शासन इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई नहीं करता तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।पहले चरण में हस्ताक्षर अभियान और ज्ञापन सौंपना हुआ,दूसरे चरण में मशाल जुलूस और शांतिपूर्ण प्रदर्शन तथा तीसरे चरण में संपूर्ण कुमाऊँ व्यापारी समुदाय का सामूहिक आंदोलन होगा।सरकार और प्रशासन से सीधी अपील कर व्यापार मंडल ने उत्तराखंड सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित विभागों से आग्रह किया कि क्वारब मार्ग की समस्या को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए।आवश्यक बजट और संसाधन तुरंत उपलब्ध कराए जाएँ।जनता की पीड़ा को समझते हुए त्वरित और स्थायी समाधान लागू किया जाए।क्वारब राष्ट्रीय मार्ग की समस्या अब केवल सड़क अवरोध तक सीमित नहीं रही।यह व्यापार, पर्यटन,शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी हुई जनजीवन की गंभीर समस्या बन चुकी है।प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने इस ओर 15 दिन के अंदर ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र बनाया जाएगा जिसमें धरना प्रदर्शन, पुतला दहन और बाजार बंद किए जाएंगे।प्रेस वार्ता में जिला व्यापार मंडल अध्यक्ष सुशील साह,जिला कार्यकारी अध्यक्ष संजय अग्रवाल,जिला महामंत्री भैरव गोस्वामी,नगर व्यापार मंडल के सचिव वकुल साह, ट्रांसपोर्ट यूनियन के सचिव फईम खान और जिला मंत्री सुधीर गुप्ता,मनोज वर्मा आदि मौजूद रहे।
