अल्मोड़ा-उत्तराखंड प्रदेश में तत्काल ही हिमाचल की तर्ज पर भू कानून लागू होना चाहिए क्योंकि उत्तराखंड का भू कानून बहुत ही लचीला है।एन एस यू आई के छात्र नेता गोपाल भट्ट ने आज प्रैस को जारी बयान में कहा कि आज आम जन युवा इस कानून के लिए हर प्लेटफॉर्म पर अपनी बात रख रहे हैं।सरकार के सामने हमे वनाधिकार अपने हक हुक़ूक़ भू कानून की नितांत आवश्यकता है।जनहित, पहाड़ हित के लिए राजनीतिक पार्टियों की नीति से ऊपर उठकर युवाओ को प्रखरता से अपनी आवाज उठानी चाहिए।लगातार पहाड़ी एरिया से पलायन और कोई ठोस नीति न होने के कारण उत्तराखंड की संस्कृति,भाषा,रहन-सहन,उत्तराखंडी समाज के व्यक्ति के विलुप्ति का कारण बन सकता है।धीरे-धीरे यह पहाड़ी जीवनशैली,पहाड़वाद को विलुप्ति की ओर धकेल रहा है।इसीलिए आज प्रत्येक युवा एक सशक्त भू कानून की मांग उत्तराखंड में कर रहा है।यहां के कुछ लोग क्षणिक धन के लालच में अपनी पैतृक संपत्ति को अन्य राज्य तथा अन्य समाज के लोगों को बेच रहे हैं।उन्होंने कहा कि भविष्य का यह भयानक खतरा जो कि हमारे गढ़वाली,कुमाऊंनी भाई लोगों को नहीं दिख रहा है या फिर पैसे के लालच में जानबूझकर अपनी कीमती जमीनों को बेच रहे हैं।इसी पर लगाम लगाने के लिए सभी युवा मिलकर उत्तराखंड के लिए नए और सशक्त भू कानून की मांग कर रहे हैं।
