अल्मोड़ा-सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस कुलपति प्रो सतपाल सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में मनाया गया।स्थापना दिवस पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सतपाल सिंह बिष्ट,पूर्व कुलपति प्रो जगत सिंह बिष्ट,निदेशक,प्रो सुशील कुमार जोशी,परीक्षा नियंत्रक डॉ पंकज साह,वित्त अधिकारी अमित कुमार त्रिपाठी की उपस्थिति में मनाया गया।इस अवसर पर पत्रकार वार्ता भी हुई।सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के देश विदेश के 15 उत्कृष्ट शैक्षिक एवं शोध संस्थानों के साथ एम ओ यू हस्ताक्षर हुए हैं,हैप्पीनेस सेंटर की स्थापना,स्वामी विवेकानन्द-महात्मा गांधी आध्यात्मिक पर्यटन परिपथ अध्ययन केंद्र, उद्यमिता विकास केंद्र की स्थापना हुई है।विश्वविद्यालय में
फोरेंसिक विज्ञान,स्पिरिचुअल टूरिज्म एंड जर्नलिज्म, हिमालय फोटोग्राफी, पर्सनैलिटी एंड स्किल डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आर्कियोलॉजी, बायो टेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फायर सेफ्टी, हॉस्पिटल मैनेजमेंट, इंडस्ट्रियल माइक्रो बायोलॉजी, मिलिट्री साइंस, एनसीसी पाठ्यक्रम, सहित चारों परिसरों में 40 से अधिक स्नातक, परा स्नातक, डिप्लोमा व सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों के संचालन का प्रस्ताव विश्वविद्यालय ने शासन को प्रेषित किया है। विश्वविद्यालय में शीघ्र ही शिक्षकों एवं कार्मिकों की भर्ती की जाएगी, विश्वविद्यालय के संरचनात्मक स्थिति को बेहतर बनाया जाएगा, शोध के क्षेत्र को बेहतर बनाने का प्रयास हो रहा है, नेक और यूजीसी के विनियमों के तहत भर्तियां एवं अन्य कार्य सम्पादित किये जायेंगे। छात्रों के मांगों के अनुरूप पाठ्यक्रम संचालित होंगे, परीक्षा कार्यों को बेहतर बनाया जा रहा है। परीक्षा सुधार कैंपेन का संचालन कर परीक्षा की त्रुटियों को बेहतर किया जा रहा है। अभी जो भी कमियां विश्वविद्यालय के सामने आ रहे हैं उनको सॉल्व किया जा रहा है। चारों परिसरों में IT लैब, कंप्यूटर प्रयोगशाला, छात्रावास, स्टेडियम आदि के कार्य हो रहे हैं। खेल,एनसीसी एवं एन एस एस के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय पटल पर कई उपलब्धियां प्राप्त की हैं।विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर एक गोष्ठी आयोजित हुई। जिसमें विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो जगत सिंह बिष्ट ने अपने उद्बोधन में कहा कि विश्वविद्यालय धीरे धीरे आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय की स्थापना के समय की समस्याओं और चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अपने स्थापना के समय से यह विश्वविद्यालय नई नई उपलब्धियों को प्राप्त कर रहा है। जो चुनौती सामने आ रही हैं, उनको बेहतर बनाने के लिए कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने उन्होंने स्थापना दिवस पर सभी को बधाइयाँ दी।पूर्व परीक्षा नियंत्रक और निदेशक प्रो सुशील कुमार जोशी ने कहा कि विश्वविद्यालय की नींव को मजबूत बनाने में संविदा शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मियों का योगदान बहुत है। स्थापना काल से यहां के शिक्षक, कर्मचारीगण नींव मजबूत कर रहे हैं, जिनके भविष्य को लेकर सोचने की आवश्यकता है। उन्होंने स्थापना दिवस की बधाइयाँ दी।विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सतपाल सिंह बिष्ट ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर अब तक हमने कई चुनौतियों का सामना करते हुए कई उपलब्धियों को प्राप्त किया है। हम अपने अग्रजों के सहयोग से इस विश्वविद्यालय को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कार्मिकों के पद सृजन के लिए प्रक्रिया शासन स्तर पर गतिमान है। संरचनात्मक स्वरूप में भी सकारात्मक दिशा में प्रयास हो रहे हैं।सकारात्मक सोच के साथ हम विश्वविद्यालय को ख्यातिप्राप्त विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित करने के लिए काम कर रहे हैं। हमें चिंता करने की जरूरत नहीं है। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय को आगे ले जाने के लिए हरसंभव प्रयास करूंगा। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही खेल गतिविधियों को बेहतर बनाने के लिए हाई अल्टीट्यूट स्पोर्ट्स सेंटर खोलने के प्रयास किये जा रहे हैं।इस अवसर पर विश्वविद्यालय मीडिया प्रभारी डॉ ललित चंद्र जोशी ने संचालन करते हुए विश्वविद्यालय की गतिविधियों एवं उपलब्धियों को प्रस्तुत किया।इस अवसर पर संकायाध्यक्ष कला प्रो अरविंद सिंह अधिकारी,क्रीड़ा प्रभारी लियाकत अली,विपिन चंद्र जोशी,गोविंद मेर, विनीत कांडपाल, नेहा पांडे, आलोक वर्मा, डॉ खगेन्द्र खोलिया,डॉ ममता जोशी, डॉ बिष्ट, प्रेम सिंह आदि सहित कर्मचारी भी शामिल हुए।त्रिलोक बिष्ट, देवेंद्र पोखरिया आनंद बिष्ट, ईश्वर बिष्ट, आलोक वर्मा, राकेश साह,दीवान फत्र्याल, गोविंद रावत, पवन रावल, रवींद्र बिष्ट, हेमा चौहान, नेहा पांडे आदि उपस्थित रहे।
