अल्मोड़ा-उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन उत्तराखंड जनपद अल्मोड़ा के अध्यक्ष डॉ मनोज कुमार जोशी व सचिव धीरेन्द्र कुमार पाठक ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि वर्तमान में सरकार कार्मिकों शिक्षकों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के भुगतान के लिए गंभीर नहीं नहीं है।उन्होंने कहा की बिलों की धनराशि भी प्रतिहस्ताक्षर के नाम पर 40 फीसदी तक कटौती कर ली जाती है।उन्होंने कहा कि निजी चिकित्सालय द्वारा जारी व ली गईं धनराशि के प्रमाण पत्रों को प्रतिहस्ताक्षर किया जाना चाहिए लेकिन धनराशि को कटौती के बाद प्रतिहस्ताक्षर करना दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।जब इलाज पर वास्तविक धनराशि भुगतान कर दी जाती है और निश्चित सीमा के भीतर ही क्लेम होता है।उसके बाद उसमें में 20-40 प्रतिशत राशि को काटना ऐसा लगता है कि भारत अभी प्राकृतिक न्याय व मानवाधिकार की प्रारम्भिक अवस्था में भी नहीं है। कहा कि उस कार्मिक की स्थिति देखो जो बीमार है पहले इलाज के लिए कुशल चिकित्सक की खोज करता है फिर इलाज कराता है और भुगतान की गई धनराशि से 40 फीसदी तक धनराशि काट दी जाती है जो कि उसके द्वारा भुगतान की गई है।यह सरासर अन्याय है सरकारी दरों पर तो व्यक्ति जिंदा नहीं रह पायेगा। उसका इलाज नहीं होगा। सरकार को वास्तविक ली गई धनराशि का भुगतान करना चाहिए और प्रतिहस्ताक्षर पर सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक स्थिति है।साफ्टवेयर में अस्पताल का पंजीकरण नं डालते ही बिल स्वीकार होने चाहिए।उत्तराखंड सरकार अभी वास्तविक भुगतान से कोसों दूर है। सरकार वर्तमान में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिलों अंशदान कटौती को लेवल 1 से लेकर 5 को 250, रुपए के स्थान पर 425, लेवल 6 को 425के स्थान पर 800 लेवल 7 से 11 को धनराशि 650 के स्थान पर 1000
लेवल 12 व उससे ऊपर 1000 की धनराशि को 1450 करना चाहती है। इसके बाद भी अगस्त 25 से फ़रवरी 26 तक चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों का भुगतान नहीं होना शर्मनाक स्थिति है।उन्होंने कहा की चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों की फिर से गंभीर रूप से समीक्षा होनी चाहिए और वास्तविक बिलों का भुगतान होना चाहिए न कि धनराशि कटौती की जानी चाहिए।संगठन के पदाधिकारी संरक्षक मंडल सदस्य पी एस बोरा,गोकुल मेहता,महेंद्र गुसाईं, रमेश पांडेय, दिगंबर फुलोरिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेश आर्य, उपाध्यक्ष गणेश भंडारी, दीपक तिवारी,कार्यालय सचिव संगठन मंत्री डी के जोशी,संगठन मंत्री राजेन्द्र लटवाल,संयुक्त मंत्री तारा सिंह बिष्ट,संयुक्त मंत्री भगवत सिंह सतवाल,संजय जोशी,कोषाध्यक्ष दीप शिखा मेल कन्या द्वारा भी पारदर्शिता और वास्तविक बिलों के भुगतान के आधार पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के भुगतान करने की मांग की है।






