अल्मोड़ा-9 साल सेवा करने के बाद भी आज अतिथि शिक्षक शीतकालीन अवकाश ना मिलने से आर्थिक तंगी के दौर में आ गये है।कल से बोर्ड परीक्षा शुरु हो चुकी है जहां अतिथि शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई जा रही है,जहां अतिथि शिक्षकों को अन्य स्कूल में ड्यूटी देने जाना होता है,लेकिन इसी बीच 9 साल की नौकरी करने के बाद अतिथि शिक्षकों का इस बार शीतकाल का वेतन काट दिया गया है।इसे लेकर आज भेसियाछाना,धोलादेवी,हवालबाग, ताकुला आदि ब्लॉक के अतिथि शिक्षक जिला शिक्षा अधिकारी अत्रेस सयाना से मिले।उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्या का दो दिन में समाधान करने का आश्वासन दिया।विभिन्न ब्लॉक से आए अतिथि शिक्षकों का साफ साफ कहना था उनके नियुक्ति संबधी शासनादेश में साफ साफ कार्या अवधि का जिक्र है और शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन अवकाश विभागीय अवकाश है और अतिथि शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन शिक्षण भी कराया है। तब भी मनमाने ढंग से वेतन रोका जा रहा है।अतिथि शिक्षकों ने कहा कि दुर्भाग्य है कि पद सुरक्षित और वेतन वृद्धि का कई बार शिक्षा मंत्री धन सिह रावत आश्वासन भी दे चुके है।ब्लॉक अध्यक्ष मनीष पांडे ने कहा कि जब शासनादेश में पैरा 12 में स्पष्ट उल्लेख कार्या अवधि का जिक्र है तो वेतन कटौती क्यो की जा रही है और 48 दिन के शीतकालीन और गीष्मकालीन अवकाश में अतिथि शिक्षक अपने परिवार का भरण पोषण कैसे करेगा।जबकि 9 साल से वो इस विभाग में कार्य कर रहा है।ब्लॉक अध्यक्ष संतोष टम्टा ने कहा कि यदि अतिथियों के लिए कोई उचित निर्णय ना लिया गया तो वो कोर्ट की शरण जाने को मजबूर होंगे।आज इस कार्यक्रम में मदन मोहन तिवारी,बीना नयाल,नीमा बिष्ट,राकेश लाल,मिनाक्षी साह, हेमा आर्या, फातिमा,योगिता तिवारी,कमलेश पांडे,मनीष पांडे, दिनेश चंद्र आदि उपस्थित रहे।
