अल्मोड़ा-भारत देश की संस्कृति का अपने आप में अत्यधिक महत्व है।सर्वविदित है कि अल्मोड़ा सांस्कृतिक नगरी के रूप में विश्वविख्यात है।हमारी संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए जीजीआईसी बाढ़ेछीना की अध्यापिकाओं ने सकारात्मक पहल करते हुए आज देवशयनी एकादशी पर विद्यालय में तुलसी के पौंधे लगाए।इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या अरूणा तिवारी ने बताया कि आज देवशयनी एकादशी है।इसे हरिशयनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।पंचांग के अनुसार, देवशयनी एकादशी व्रत और पूजन आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को किया जाता है।मान्यता है कि इस तिथि से अगले चार महीने के लिए भगवान विष्णु विश्राम करते हैं। इसलिए इस दौरान मांगलिक कार्यों पर रोक होती है।हिंदू धर्म में इन दिनों को चतुर्मास कहा जाता है।विद्यालय की ईको क्लब प्रभारी अध्यापिका प्रीति पन्त ने कहा कि मान्यताओं के अनुसार आज के दिन तुलसी के पौधे लगाएं जाते हैं।उन्होंने कहा कि आज के दिन जहां तुलसी के पौधे लगाने का धार्मिक महत्व है।वहीं दूसरी ओर तुलसी का प्रयोग अनेक प्रकार की बीमारियों को दूर करने में भी किया जाता है।उन्होंने कहा कि तुलसी एक औषधीय गुणों से भरपूर पौधा है।धार्मिक महत्व में जहां ये हमारी संस्कृति का द्योतक हैं वहीं तुलसी अनेक औषधीय गुणों से भरपूर है।उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन के लिए भी आज बेहद आवश्यक है कि सभी अधिक से अधिक पौधें लगायें तथा इनकी देखभाल करें।उन्होंने कहा कि तुलसी के धार्मिक महत्व, औषधीय गुणों को देखते हुए आज विद्यालय परिवार ने विद्यालय में तुलसी के पौधों का रोपण किया।इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या अरूणा तिवारी,ईको क्लब प्रभारी प्रीति पन्त,शिप्रा बिष्ट, तनुप्रिया खुल्बे,मीना जोशी,कमला बिष्ट, प्रियंका,आशा भट्ट, हेमा पटवाल,अनीता बिष्ट, ममता भट्ट,पुष्पा भट्ट,किरन पाटनी आदि अध्यापिकायें उपस्थित रही।
