दिल्ली-लोकसभा सांसद अजय टम्टा ने लोकसभा में रेल मंत्री से कुमाऊं को जोड़ने वाली कई ट्रेनों के विस्तार को लेकर के सदन में चर्चा की। जिसमें उन्होंने रेल मंत्री से आग्रह किया बागेश्वर टनकपुर रेल लाइन का कार्य शीघ्र किया जाए।जिससे बॉर्डर के साथ-साथ पर्यटकों को भी इसका फायदा मिलेगा और पहाड़ों में रहने वाले लोगों का इससे समय बचेगा। इसके साथ-साथ सांसद अजय ने रेल मंत्रालय के द्वारा चलाई जा रही कई ट्रेनों को सप्ताह में तीन से चार बार चलाने का आग्रह किया।जिसमें काठगोदाम से जम्मू,रामनगर से मुंबई, लालकुआं से हावड़ा जैसी कई ट्रेनों को सप्ताह में दो से तीन बार आग्रह किया है।इसी के साथ टनकपुर से देहरादून जाने के लिए एक शताब्दी और एक जन शताब्दी ट्रेनों को भी चलाने की बात कही।संसद ने बताया कि 1912 से बागेश्वर से टनकपुर लाइन का सर्वे हुआ था।जिसमे आज काम चल रहा है। जिसमें 29 करोड रूपए का धन दिया गया है।इस कार्य को तेज गति से करने के लिए रेल मंत्री से आग्रह किया गया।जिससे पर्वतीय क्षेत्र के लोगों को फायदा मिल सके।वही टनकपुर से चलने वाली पूर्णागिरि जनशताब्दी जो दिल्ली तक पहुंचने में 10 से 12 घंटे का समय लेती है।उसके समय को कम करने के लिए भी आग्रह किया गया। पूर्णागिरि से दिल्ली पहुंचने में सड़क मार्ग से 8 घंटे का समय लगता है। इसलिए रेलवे का समय कम करने की मांग की गई है।टनकपुर,काठगोदाम, रामनगर से दक्षिण भारत के लिए कोई भी ट्रेन का संचालन नहीं है।जिसे शीघ्र करने की मांग भी की गई।साथ ही रामनगर,चौखुटिया से होते हुए गैरसैण सर्वे का काम चल रहा है अगर चौखुटिया से टनल के माध्यम से इस ट्रेक का कार्य किया जाए तो काफी समय भी बचेगा और और चौखुटिया से गरुड़,बागेश्वर होते हुए कपकोट तक और कपकोट से टनल देते हुए मुनस्यारी से मिलम ग्लेशियर होते हुए धारचूला,जौलजीबी तक इसकी कनेक्टिविटी दी जा सकती है।रेल मंत्री से आग्रह किया गया कि पहाड़ी क्षेत्रों को भी रेलवे से जोड़ने के कार्य को शीघ्र अति शीघ्र करने का कार्य सुनिश्चित करें।
