अल्मोड़ा-पिछले 20 दिनों से रानीधारा सड़क पुनर्निर्माण संघर्ष समिति का धरना विभिन्न मागों को लेकर आज 20 वे दिन भी जारी रहा।संघर्ष समिति ने कहा कि एक सप्ताह पूर्व जिला प्रशासन द्वारा संघर्ष समिति को आश्वसत किया गया था कि बरसात को देखते हुए जल्द एक कमेटी द्वारा रानीधारा क्षेत्र के संवेदनशील व अतिसंवेदनशील इलाको को चिन्हित कर बरसात के पानी को निकासी नाले की ओर किया जाए ताकि लोगो के घरों में पानी न घुसे।किंतु आज तक कमेटी ने क्या किया धरातल में कुछ नही दिखता।जिला प्रशासन की इस लापरवाही पर धरना स्थल पर उपस्थित लोगों ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की लापरवाही से बरसात में लोगो की जान-माल पर आफत बन सकती है,अनेकों बार बरसात के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण संभावित आपदा के ख़तरे को जिला प्रशासन का ध्यान धरने से लेकर ज्ञापन के माध्यम से आकर्षित किया है किंतु बरसात को देखते हुए इस दिशा में अभी तक कोई करवाई होते हुए नही दिखती।संघर्ष समिति ने आगे की रणनीति बनाते हुए कहा कि यदि उनकी मांग नही मानी गयी तो सँघर्ष समिति द्वारा इस धरने व आंदोलन को ओर व्यापक रूप दिया जाएगा,जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।आज के धरने में धरने के सयोंजक विनय किरौला,गीता पंत,ज्योति तिवारी,मीनू पंत,भगवती जोशी,उमा अलमिया,भगवती डोगरा,किरन बिष्ट,जानकी बिष्ट,माया बिष्ट,दीपा बिष्ट,दीपाली पाण्डे,गीता पाण्डे,नीमा पंत,पूनम जोशी,सुधा उप्रेती,सुशीला, कमला द्रमवाल,तनुजा पंत,कुमुद जोशी,गुड़िया बिष्ट,मुन्नी बिष्ट,पुष्पा पाण्डे,नीरजा चौहान,सुमित नज्जोन, अमरेश पवार,विजय मझाडिया,संभू दत्त बिष्ट,डी0सी0 पांडेय,अमित पंत,पवन पंत,राहुल पंत,संजय बिष्ट,शंकर सिंह,अमान खान,कविता जीना,पनी राम,विजय पाण्डे, उत्तम दानू, राजू नेगी,,सतीश चंद पाठक, वैभव जोशी,आशीष जोशी,मानशी नैनवाल, बबिता खाती आदि दर्जनों लोग उपस्थित थे।

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