अल्मोड़ा-विकासखंड भैंसियाछाना के अंतर्गत ग्राम पंचायत सुकना से ग्राम पंचायत पभ्या तक प्रस्तावित लगभग 3.5 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य लंबे समय से लटका हुआ है।इस लेटलतीफी के कारण क्षेत्रीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रवि रौतेला के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा एवं अविलंब कार्य प्रारंभ कराने की मांग की।ज्ञापन में ग्रामीणों ने इस बात पर गहरा दुख जताया कि सड़क निर्माण के लिए शुरुआती औपचारिकताएं जैसे पिलर लगाने का काम पूरा हो चुका है। यही नहीं वन विभाग द्वारा पेड़ों की छपान (गणना) की प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है।इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग और वन विभाग की आपसी उदासीनता के चलते पिछले छह महीनों से काम पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है।ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत पभ्या मुख्य सड़क से लगभग 9 किलोमीटर की कठिन और सीधी चढ़ाई पर स्थित है।सड़क सुविधा न होने के कारण यहां जीवन बेहद संकटपूर्ण है।सबसे ज्यादा दिक्कत गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को होती है। कई बार समय पर अस्पताल न पहुंच पाने के कारण मरीजों ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया है।ग्रामीण अपनी इस मांग को लेकर काफी समय से आंदोलित हैं।इससे पहले 10 मार्च 2026 को भी ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर 15 दिनों की समयसीमादी थी,जिसके बाद आंदोलन को कुछ समय के लिए स्थगित किया गया था।मांग पूरी न होने पर एक बार फिर ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की है।ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से सुना और सड़क निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू कराने का भरोसा दिया।जिलाधिकारी ने सरकार द्वारा आवंटित सीए भूमि में से प्रस्तावित 2.88 हेक्टेयर भूमि को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करते हुए संबंधित विभागों को तत्काल काम शुरू करने के कड़े निर्देश दिए हैं।प्रशासन की इस त्वरित प्रतिक्रिया से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है और वे डीएम की कार्यशैली से संतुष्ट नजर आए।ज्ञापन सौंपने वालों में रवि रौतेला पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा,जानकी देवी ग्राम प्रधान,गिरीश जोशी,मोहन चंद्र जोशी,विशन जोशी,हरीश भट्ट,शेखर जोशी,हरीश आर्या सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।इस मौके पर भाजपा नेता रवि रौतेला ने कहा कि वह क्षेत्रीय विकास और जनता से जुड़े मुद्दों को हमेशा शासन-प्रशासन के सामने मजबूती से उठाते रहे हैं और आगे भी ग्रामीणों के हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे।ग्रामीणों का कहना है कि दशकों के लंबे इंतजार के बाद अब जाकर उनके गांव में विकास की किरण जागी है।
