अल्मोड़ा-आज दिनांक 28 जनवरी को गर-गूठ-भनार सड़क सुधारीकरण संघर्ष समिति ने समिति के अध्यक्ष विनय किरौला के नेतृत्व मे लोक निर्माण विभाग कार्यालय में सड़क के सुधारीकरण तथा डामरीकरण के लिए धरना एवं प्रदर्शन किया।संघर्ष समिति के तत्वाधान में विकास भवन से बेस चिकित्सालय तक 12 गांवो को जोड़ने वाली य़ह अत्यंत महत्वपूर्ण सड़क पर डामरीकरण तथा सोलिंग की जाने के लिए यह समिति विगत दो वर्ष से आंदोलनरत है।सड़क के निर्माण में शासन द्वारा शासनादेश भी पारित किया जा चुका है और धनराशि भी अवमुक्त हो गई है।विनय किरौला ने बताया कि आज 28 जनवरी को अधिशासी अभियंता के द्वारा आश्वासन दिया गया है कि सड़क का कार्य फरवरी अंत तक प्रारंभ कर दिया जाएगा।यह आश्वासन अधिशासी अभियंता निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग अल्मोड़ा के द्वारा लिखित रूप में दे दिया गया है। इसलिए अब आशा है कि सड़क का कार्य अविलंब प्रारंभ होना चाहिए।धरना एवं प्रदर्शन के दौरान लोगों ने विचार अभिव्यक्त किये और यह भी कहा कि यदि विकास के कार्य में कार्य करते हुए लापरवाही की जाती है तो यह शासनादेशों का उल्लंघन है तथा राज्य और देश के विकास में बाधा उत्पन्न करना माना जाएगा।इसलिए शासनादेश में निर्गत धनराशि को अविलंब कार्य रूप में वर्णित किया जाना अति आवश्यक है। वक्ताओ ने यह भी विचार रखा कि यदि ऐसा नहीं होता है और मार्च में शासन द्वारा निर्गत की गई धनराशि कार्य न किए जाने के कारण लेफ्स होती है तो इसका पूर्ण दायित्व लोक निर्माण विभाग का होगा।समिति अभी मानती है कि यदि किसी प्रकार का वैधानिक अथवा सार्वजनिक कार्य किया जाता है और उस कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न होती है तो यह भी जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की होगी और लिखित रूप में एक ज्ञापन भी अधिशासी अभियंता को प्रेषित कर दिया गया है। संघर्ष समिति आशा करती है कि लिखित आश्वासन के अनुरूप अविलंब लोग निर्माण विभाग सड़क का निर्माण प्रारंभ कर देंगे। इस सड़क का उपयोग इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सड़क बेस चिकित्सालय जो अब मेडिकल कॉलेज बन गया है।उसके लिए नितांत आवश्यक है और सड़क के डामरीकरण होने के कारण जो मुख्य सड़क अल्मोड़ा की माल रोड है उसका भार भी काम होगा तथा लोगों को आए दिन हो रही परेशानी भी कम होगी।इसके अतिरिक्त अल्मोड़ा नगर के विकास के लिए यह सड़क रामबाण का काम करेगी। यह भी संबंध में मानना है कि सड़क के अभाव में 2012 से जनता परेशानी का सामना कर रही है।किसी व्यक्ति के बीमार होने,पांव टूटने या किसी जंगली जानवरों के आक्रमण करने में घायल होने पर आसानी से व्यक्ति चिकित्सालय नहीं पहुंच पा रहा है। उसे डोली के माध्यम से चिकित्सालय पहुंचना पड़ता है।धरना देने वालों मे संघर्ष समिति के अध्यक्ष विनय किरौला,संरक्षक एसङी शर्मा,रुप सिंह,पान सिंह,आशीष बिष्ट,अमित बिष्ट ,भूपेन्द्र बिष्ट,कैलाश जोशी, सुजीत,राजेंद्र सिंह,योगेश कनवाल,गणेश लाल,पूरन सिंह बिष्ट, आदि दर्जनो लोग उपस्थित थे।
