अल्मोड़ा-उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन जनपद अल्मोड़ा के अध्यक्ष डॉ मनोज कुमार जोशी व सचिव धीरेन्द्र कुमार पाठक ने अवगत कराया कि जिला अस्पताल से लेकर लक्ष्मेश्वर बाईपास तक रोड में दस से अधिक खतरनाक गड्डे हो गये है जिससे कभी भी खतरनाक जानलेवा हादसा हो सकता है। उनके द्वारा अवगत कराया गया कि इस मार्ग पर कर्मचारियों,शिक्षकों के साथ साथ जनता भी यात्रा करती है और कभी भी हादसा हो सकता है।धीरेन्द्र कुमार पाठक सचिव ने बताया कि शनिवार देर सायं सात बजे वे भी लक्ष्मेश्वर से अल्मोड़ा की ओर दुपहिया वाहन में सफर कर रहे थे और लक्ष्मेश्वर से अल्मोड़ा की ओर लगभग सौ मीटर पर आधा फीट व लगभग दो फीट चौड़ाई में गड्डा है अंधेरे में हल्की रोशनी में दूर से स्पष्ट नहीं दिखने व बीच रोड पर दुपहिया वाहन स्कूटर यू पी 01 2187असंतुलित हो गया और बड़ी मुश्किल से वाहन को काबू में किया और उनके घुटने से नीचे हल्की चोट आई।आगे आने पर लगभग आठ से दस गड्डे भी खतरनाक स्थिति में है जो कि जिला अल्मोड़ा अस्पताल के ठीक सामने तक है इस मार्ग पर बीमार लोग भी सफर करते हैं और इन गड्ढों को नहीं भरना निश्चित रूप से लापरवाही है।सड़क पर सड़क से ही सुरक्षा गंभीर मसला है।मौके पर उपस्थित लोगों से पूछा तो उन्होंने बताया कि कई लोग चोटिल हो गए हैं और कई गिरते गिरते बचे हैं और गड्डे से कभी भी हादसा हो सकता है।उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन जनपद अल्मोड़ा की ओर से सोमवार को जिलाधिकारी अल्मोड़ा को ज्ञापन सौंपा जाएगा ताकि मामले को संज्ञान में लेकर जिला प्रशासन लोक निर्माण विभाग से ऐसे गड्ढों को चिन्हित कर डामरीकरण की कार्यवाही हो सकें और भविष्य में किसी के साथ भी हादसा न हो ।उल्लेखनीय है कि इस मार्ग से जिला प्रशासन के सभी अधिकारी,कर्मचारी भी सफर करते हैं ऐसे में कार्यवाही नहीं होना भी आश्चर्यजनक है।
