अल्मोड़ा-एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफीसर्स एसोसिएशन कुमाऊं मण्डल नैनीताल के सचिव धीरेन्द्र कुमार पाठक द्वारा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को संगठन की लंबित मामलों के निस्तारण हेतु शिक्षा निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा उत्तराखंड को निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया है तथा पदोन्नति स्थानांतरण व समायोजन में काउंसिलिंग हेतु भी शासन के अधिकारियों को निर्देश दिए जाने हेतु पंजीकृत पत्र भेजा है।श्री धीरेन्द्र कुमार पाठक द्वारा अवगत कराया गया है कि ऊधमसिंह नगर में संगठन के पदाधिकारियों द्वारा विभिन्न लंबित मामलों के निस्तारण हेतु विभाग के अधिकारियों द्वारा सुनवाई नहीं किए जाने के कारण सात दिन तक आमरण अनशन किया था किन्तु विभाग के अधिकारियों के द्वारा इस संबंध में दो बार वार्ता करने के बाद भी लंबित मामलों का निस्तारण नहीं किया जिससे सदस्यों में रोष व्याप्त है।केवल काउंसिलिंग के लिए पत्र शासन को भेजा और 16 पदोन्नति संशोधन किए गए और अन्य पदोन्नति संशोधन में कार्यवाही नहीं की जिससे सदस्यों में रोष व्याप्त है।श्री पाठक द्वारा अवगत कराया गया है कि विभाग द्वारा इस भर्ती वर्ष में एक भी पदोन्नति नहीं की गई है जबकि मुख्य प्रशासनिक अधिकारी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी प्रशासनिक अधिकारी व प्रधान सहायक के पद पर पदोन्नति होनी है और प्रधान सहायक के पद के लिए गोपनीय आख्या भी आमंत्रित नहीं की गई है।मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी व प्रधान सहायक के पद पर पदोन्नति संशोधन के प्रकरणों का निराकरण नहीं किया गया है ऐसी स्थिति में उन्हें दो भर्ती वर्ष का नुकसान हो सकता है।इन पदोन्नति संशोधन में पदाधिकारियों के प्रकरण भी शामिल है।मुख्यमंत्री से निवेदन कर हस्तक्षेप करने की मांग की गई है जिससे सभी समस्याओं का समाधान हो सके।अन्य मामले में सेवा अभिलेखों का डिजिटाइजेशन का काम जनपद के ब्लाक स्तर पर करने व पदोन्नति स्थानांतरण समायोजन में काउंसिलिंग अनिवार्य किए जाने, गोल्डन कार्ड के विसंगतियों को दूर करने,वर्तमान में इस कार्ड से अस्पतालों में इलाज नहीं हो रहा है जो कि गंभीर विषय है।स्थानांतरण पदोन्नति समायोजन के लिए अलग से प्रकोष्ठ बनाया जाए ताकि वर्ष भर केवल इसी पर काम किया जाय।रुटीन कार्य का नहीं होना भी उत्तराखंड सरकार के लिए भी गंभीर विषय है। एक तरफ जहां कोरोना काल में हड़ताल पर रोक है ऐसी स्थिति में विभाग के अधिकारियों द्वारा मनमानी की जा रही है।उन्होंने कहा कि विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान,शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय,बाल विकास मंत्री श्रीमती रेखा आर्य,पेयजल मंत्री विशन सिंह चुफाल,विधायक राजकुमार ठुकराल, विधायक श्रीमती चन्द्रा पंत के निर्देश के बाद भी विभाग द्वारा सकारात्मक कार्रवाई नहीं किया जाना गंभीर विषय है।श्री धीरेन्द्र कुमार पाठक सचिव कुमायूं मंडल नैनीताल द्वारा कहा गया है कि वर्ष 1994 मे 94 दिन की इस राज्य के लिए हड़ताल की गई थी और इस प्रकार का राज्य मिलेगा सोचा नहीं था।सभी जायज मांगे हैं इन्हें अनसुना किया जा रहा है।भर्ती वर्ष के एक माह दस दिन बचा हुआ है चार पदोन्नति व पदोन्नति संशोधन निदेशालय से निर्गत होने है और हालत यह है कि एक भी पदोन्नति सूची जारी नहीं हुई है इससे सम्पूर्ण सदस्यों में रोष व्याप्त है।मंडलीय अध्यक्ष जगमोहन सिंह खाती,अध्यक्ष अल्मोडा पुष्कर सिंह भैसोड़ा,जिला मंत्री अल्मोड़ा पंकज जोशी,जिला अध्यक्ष पिथौरागढ़ सौरभ चंद,सचिव कैलाश बिष्ट,चंपावत के अध्यक्ष नगेन्द्र जोशी,सचिव रविन्द्र पांडेय श,अध्यक्ष ऊधमसिंह नगर वीरेन्द्र पांडेय,सचिव हरजीत सिंह, संरक्षक बागेश्वर भुवन जोशी,अध्यक्ष बागेश्वर विजय रावत,सचिव इंद्रेश कोरंगा,अध्यक्ष नैनीताल हरिशंकर नेगी,सचिव तरुण तिवारी द्वारा भी निदेशालय से समय पर समस्या का समाधान नहीं होने पर रोष व्यक्त किया है।श्री धीरेन्द्र कुमार पाठक द्वारा अवगत कराया गया है उत्तराखंड में संवाद हीनता व मनमानी चरम पर है और वार्ता में स्पष्ट आश्वासन के बाद भी लंबित मामलों का निस्तारण नहीं किया जाना अलोकतांत्रिक है।जगमोहन सिंह खाती मंडल अध्यक्ष द्वारा भी सभी मामलों को निस्तारित करने की मांग की है।सचिव कुमायूं मंडल नैनीताल श्री धीरेन्द्र कुमार पाठक द्वारा कहा गया है कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से संगठन को उम्मीद है कि वे सभी मामलों के निस्तारण के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी करेंगे।पूर्व शिक्षा मंत्री व वर्तमान मुख्यमंत्री द्वारा ही उत्तराखंड के प्रथम अधिवेशन का उद्घाटन रामनगर में किया गया था।श्री धीरेन्द्र कुमार पाठक ने कहा कि कोरोनाकाल को काम नहीं करने का बहाना नहीं बनाया जाना चाहिए और पदोन्नति संशोधन व पदोन्नति कार्मिकों का सेवा का प्रतिफल है समय पर निर्णय लेना चाहिए।