अल्मोड़ा-बालिका सुरक्षा के तहत समग्र शिक्षा अभियान के माध्यम से राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बाड़ेछीना जिला अल्मोड़ा में ताइक्वांडो प्रशिक्षक कनिष्का भंडारी ब्लैक बेल्ट,अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता व उत्तराखंड राज्य के तिलु रौतेली पुरस्कार से सम्मानित ताइक्वांडो खिलाड़ी व प्रशिक्षक जो कि स्पोर्ट्स ताइक्वांडो अकैडमी अल्मोड़ा की पंजीकृत खिलाड़ी व कोच के रूप में प्रतिष्ठित हो चुकी है के द्वारा भारत सरकार व शिक्षा विभाग के द्वारा महिला सशक्तिकरण एवं महिलाओं की सुरक्षा व आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य व अभियान को आगे बढ़ाने की पहल राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बाड़ेछीना जिला अल्मोड़ा द्वारा बालिकाओं को सुरक्षा की दृष्टि से आत्मरक्षा के गुर सिखाने हेतु प्रशिक्षक कनिष्का भंडारी द्वारा प्रशिक्षण हेतु चयन के आधार पर ताइक्वांडो प्रशिक्षण बालिकाओं को देने व सिखाने के लिए आमंत्रित किया गया।
स्पोर्टस ताइक्वांडो अकैडमी अल्मोड़ा के महासचिव कमल कुमार बिष्ट द्वारा जानकारी दी गई कि कनिष्का भंडारी द्वारा राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बाड़ेछीना जिला अल्मोड़ा में ताइक्वांडो का प्रशिक्षण देना शुरू किया गया है।ताइक्वांडो एक विश्व की सर्वाधिक लोकप्रिय एवं प्रभावी आत्मरक्षाओं की कलाओं में से एक है जो कि आत्मरक्षा हेतु बहुत ही कारगर एवं वरदान के रूप में स्थापित हुई है।आज ताइक्वांडो ना केवल एशियाड एवं ओलंपिक जैसे सम्मानित खेल आयोजनों का अभिन्न अंग है बल्कि विश्व में सम्मानजनक स्थिति में ताइक्वांडो खेल कला एवं आत्मरक्षा के साथ साथ खेल के रूप में भी अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करा चुका है।इसी श्रृंखला में स्पोर्ट्स ताइक्वांडो एकेडमी अल्मोड़ा से पंजीकृत कोचेस/खिलाड़ी एवं पदाधिकारी भी खेल और खिलाड़ियों के विकास हेतु हर संभव प्रयास करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान विगत कई वर्षों से देते आ रहे हैं।इसी कड़ी में कनिष्का भंडारी खिलाड़ी व प्रशिक्षक के रूप में अपना महत्वपूर्ण योगदान विगत लंबे समय से देते आ रही है। स्पोर्ट्स ताइक्वांडो एकेडमी अल्मोड़ा के महासचिव व मुख्य प्रशिक्षक कमल कुमार बिष्ट ने बताया उनके द्वारा जिला अल्मोड़ा ही नहीं उत्तराखंड और पूरे भारतवर्ष में विगत लगभग 25 वर्षों से ताइक्वांडो खेल के लिए व खिलाड़ियों के लिए उनके विकास और उज्जवल भविष्य के लिए लगातार विपरीत परिस्थितियों में भी संघर्षरत व प्रयत्नशील रहे हैं।आज भी पूरे समय व समर्पण के साथ ताइक्वांडो खेल व खिलाड़ियों के लिए लगातार उनके द्वारा अथक प्रयास करते हुए हर संभव प्रयास जारी है।आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है आने वाले भविष्य में हमारे प्रतिभावान खिलाड़ी विश्व पटल पर और बड़ी उपलब्धियां हासिल कर अपने जिला राज्य और राष्ट्र को समर्पित कर गौरवान्वित करेंगे।श्रीमती प्रीति पंत राजकीय कन्या विद्यालय बाड़ेछीना ने आत्मरक्षा हेतु बालिकाओं के लिए ताइक्वांडो खेल को सीखना आज की परिस्थितियों में अत्यंत आवश्यक बताया।ताइक्वांडो खेल से ना केवल शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक सिद्ध है।बल्कि विपरीत परिस्थितियों में अपनी आत्मरक्षा हेतु यह कला खेल ताइक्वांडो बहुत ही लाभकारी सिद्ध हुआ है।इसके लिए जिम्मेदारी से उन्होंने छात्राओं को प्रोत्साहित कर लगन से मेहनत करने की सलाह देते हुए ताइक्वांडो प्रशिक्षण शुरू किए जाने पर खुशी व्यक्त की है।