अल्मोड़ा-भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अल्मोड़ा के पूर्व विधायक कैलाश शर्मा ने मुख्य चिकित्साधिकारी अल्मोड़ा को पत्र लिखकर मेडिकल कॉलेज/बेस चिकित्सालय में डायलिसिस यूनिट बढ़ाने की मांग की थी।पत्र के माध्यम से कैलाश शर्मा ने कहा था कि अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में हंस फाउंडेशन द्वारा संचालित डायलिसिस यूनिट में पर्याप्त डायलिसिस मशीनें ना होने के कारण मरीजों को मैदानी क्षेत्रों की दौड़ लगानी पड़ रही है।उनके द्वारा कहा गया है कि किडनी के मरीजों की ज्यादा संख्या है जिस कारण हंस फाउंडेशन द्वारा संचालित डायलिसिस यूनिट में सभी मरीजों की डायलिसिस नहीं हो पा रही है।

उन्होंने बताया है कि 40 से 50 मरीज अभी भी प्रतीक्षा सूची में है जिनको अपनी डायलिसिस हेतु हल्द्वानी या अन्यत्र मैदानी क्षेत्रों की दौड़ लगानी पड़ रही है।जिससे उन्हें शारीरिक परेशानी तो हो ही रही है साथ ही साथ उन पर बहुत अधिक आर्थिक बोझ भी आ रहा है। इस हेतु उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बेस/ मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस यूनिट बढ़ाने के लिए पत्र लिखा था जिस पर कार्रवाई करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा मिशन निदेशक एनएचएम देहरादून को पत्र लिखकर बेस चिकित्सालय में डायलिसिस सेवा विस्तार के सम्बन्ध में कार्यवाही की मांग की गई है।इसके साथ ही पूर्व विधायक कैलाश शर्मा ने कहा कि अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज/ बेस चिकित्सालय में पर्याप्त डायलिसिस यूनिट ना होने के कारण किडनी के मरीजों को शारीरिक और आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि उनके द्वारा शासन स्तर में भी इस बाबत पूरे प्रयास किए जाएंगे और उनकी यथासंभव कोशिश रहेगी कि अल्मोड़ा में जितने भी किडनी के मरीज हैं जिनकी डायलिसिस होनी है उनकी डायलिसिस की व्यवस्था अल्मोड़ा में ही की जाय।बता देना चाहेंगे कि डायलिसिस किडनी रोगी के लिए आवश्यक है।किडनी रोगी की सप्ताह में दो या तीन डायलिसिस होती है।ऐसे में किडनी रोगी को सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस के लिए हल्द्वानी या मैदानी क्षेत्रों की ओर जाना पड़ता है जो स्वयं में बहुत कष्टकारी है और मरीजों पर अत्यधिक आर्थिक बोझ भी डालने वाला है।बरहाल पूर्व विधायक की ये पहल बहुत सराहनीय है।अल्मोड़ा में डायलिसिस यूनिट बढ़ने के बाद इससे जहां किडनी रोगियों को बहुत मदद मिलेगी वहीं दूसरी ओर उनके परिवारजनों को आर्थिक बोझ से भी छुटकारा मिलेगा।
