पिथौरागढ़-आज यूथ कांग्रेस पिथौरागढ़ द्वारा जिलाध्यक्ष ऋषेन्द्र महर के नेतृत्व में जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री,केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री व मुख्यमंत्री उत्तराखंड को ज्ञापन दिया गया जिसमें एम्स को सीमांत जिले पिथौरागढ़ में खोलने की बात कही गयी।ज्ञापन में कहा गया कि उत्तराखंड में दो मंडल है जिसमे एक कुमाऊँ और एक गढ़वाल है।गढ़वाल मंडल के ऋषिकेश जिले में पूर्व से ही एम्स है लेकिन कुमाऊँ मंडल में अभी भी स्वास्थ सुविधाएं न के बराबर है। ऐसे में पिथौरागढ़ एक सीमांत जिला है जिसको स्वास्थ्य सुविधाओं की अत्यधिक दरकार है।पूर्व में भी बड़ी बड़ी संस्थाए प्रदेश में तो खुली पर इस सब मे पिथौरागढ़ को उपेक्षित किया गया है।अब जब एम्स को रानीबाग में बनने की बात आ रही है,तो यह सर्वविदित है कि रानीबाग हल्द्वानी के निकटवर्ती छेत्र है और हल्द्वानी में पूर्व से ही बड़े बड़े प्राइवेट व सरकारी अस्पताल है।लेकिन जब कुमाऊँ के पहाड़ी जिलो अल्मोड़ा,बागेश्वर, चम्पावत व सीमांत जिले पिथौरागढ़ की बात आती है तो आज भी पहाड़ के इन जिलों में स्वास्थ्य की सुविधाएं पटरी पर नही चढ़ पायी है और इन सब मे सबसे पिछड़ा जिला पिथौरागढ़ है जिसमे अभी तक स्वास्थ्य सुविधाएं सुगम नही हैं व स्वास्थ सुविधाओं की कमी के चलते प्रतिवर्ष यहां सैकड़ों लोगो को अपनी जान गवानी पड़ती है।
इसीलिए पिथौरागढ़ की जनभावनाओं व लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं को देखते हुए सरकार ने पिथौरागढ़ सीमांत जिले में एम्स को खोलना चाहिए ताकि यहां के लोगों को इसका लाभ मिल सके।यूथ कांग्रेस द्वारा छेत्रीय सांसद व मंत्री गणों एवं विधायको को भी कहा गया है कि वह दलगत राजनीति से ऊपर उठकर पिथौरागढ़ एवं पहाड़ के स्वास्थ हेतु एम्स को यहां खोलने की लड़ाई लड़े। और अगर छेत्र के नेता एम्स को पहाड़ में लड़ने की लड़ाई नहीं लड़ेंगे तो इनका हर मंच पर विरोध किया जायेगा।धरना प्रदर्शन में विधानसभा अध्यक्ष सुभम बिष्ट,जिला महासचिव प्रकाश देवली,शिवम पंत मौजूद थे।
