अल्मोड़ा-मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में वक्ताओं द्वारा मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों को राज पत्रित अधिकारी घोषित करने के बाद भी पूर्ण अधिकार नहीं दिये जाने पर आश्चर्य व्यक्त किया है।वक्ताओं द्वारा कहा गया है शासन द्वारा मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों के कार्य व उत्तरदायित्व की समीक्षा करते हुए उन्हें अधिकार सम्पन्न बनाना चाहिए। वर्तमान में मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों को फुल फ्लैश लोक सूचना अधिकारी का दायित्व दिया गया और आहरण वितरण अधिकार उस अवस्था में है जब अधिकारी का स्थानांतरण हो जाता है तो ऐसी परिस्थिति जन्य अधिकार अधिकार नहीं होते बल्कि काम चलाऊं व्यवस्था होती है।मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के मान सम्मान के लिए सभी मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों को एकजुट होना जरूरी है।वर्तमान में उत्तराखंड शासन द्वारा घोषित शासनादेश जिसमें राजपत्रित पद पर पांच वर्ष के उपरांत आहरण वितरण अधिकार दिए जाने हैं की भी उपेक्षा हो रही है।शासन स्तर पर ऐसे मुख्य प्रशासनिक अधिकारी जिन्हें पांच वर्ष की सेवा हो गई है को आहरण वितरण अधिकार दिए गए हैं जबकि राजपत्रित अधिकारी के पद पर कुल पांच वर्ष की सेवा वाले अधिकारियों को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पद पर की गई सेवा जोड़ते हुए अधिकार दिए जाने चाहिए। आज की वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता रेशम विभाग के किरन पाल द्वारा की गई और संचालन धीरेन्द्र कुमार पाठक शिक्षा विभाग द्वारा किया गया।बैठक में रघुनाथ रयाल,टेचन कुमार,श्रीमती सुशीला रावत,रमेश,बी एस चौहान उपस्थित थे।

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