अल्मोड़ा-पूर्व दर्जा मंत्री वरिष्ठ भाजपा नेता बिट्टू कर्नाटक ने आज मेडिकल कॉलेज के आईसीयू वार्ड में भर्ती मरीजों एवं उनके तीमारदारों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना।इस दौरान उन्होंने परिजनों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।उन्होंने कहा कि बीमारी केवल मरीज को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करती है।ऐसे कठिन समय में सहारा, संवेदना और सहयोग ही सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आते हैं।कर्नाटक ने आईसीयू वार्ड में मौजूद मरीजों एवं उनके तीमारदारों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी परेशानियों को समझा।उन्होंने कहा कि मरीज के साथ-साथ उसके परिजनों का मनोबल बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।इस दौरान मेडिकल कालेज में भर्ती मरीजों के कई तीमारदारों ने ब्लड बैंक से जुड़ी समस्याओं को उनके सामने रखा।लोगों ने बताया कि जरूरत के समय रक्त उपलब्ध कराने में अनावश्यक परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।इस पर कर्नाटक ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि यह अत्यंत गंभीर विषय है और इसे किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।उन्होंने बताया कि ब्लड बैंक और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए कल मंगलवार को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के साथ वार्ता तय की गई है।कर्नाटक ने कहा कि इस बैठक में सभी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा कर स्थायी समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका प्रयास केवल समस्याओं को सुनने तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि हर संभव सुधार के लिए ठोस कदम उठाना उनकी प्राथमिकता है।उन्होंने कहा कि ब्लड बैंक द्वारा मरीजों को लगातार परेशान करने की शिकायतें सामने आ रही थीं जिसके बाद उन्होंने स्वयं संज्ञान लिया है।कर्नाटक ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले की जानकारी प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल को भी दी जाएगी।उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि जरूरत पड़ी तो उच्च स्तर पर भी इस विषय को उठाया जाएगा ताकि मरीजों को राहत मिल सके। कर्नाटक ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार लगातार स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए काम कर रही है लेकिन कुछ लोगों की कार्यप्रणाली के कारण आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है।उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की वजह से सरकार की छवि भी प्रभावित होती है जो किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।कर्नाटक ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संबंधित ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि मरीजों को परेशान करना किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है।उन्होंने अस्पताल प्रशासन से भी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।कर्नाटक ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बेहद जरूरी है।उन्होंने मरीजों के तीमारदारों को आश्वस्त किया कि उनकी हर समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।इस दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। श्री कर्नाटक ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उनका दायित्व है कि वे जनता की समस्याओं को सुनें और उनका समाधान सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही समाज के लिए घातक हो सकती है।उन्होंने कहा कि ब्लड बैंक की कार्यप्रणाली को पारदर्शी और जनहितैषी बनाया जाएगा।कर्नाटक ने दोहराया कि इस मुद्दे पर जल्द ही ठोस निर्णय लिया जाएगा।उन्होंने तीमारदारों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द होगा।उन्होंने कहा हमारा प्रयास सिर्फ सुनने तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि हर संभव सुधार के लिए ठोस कदम उठाना ही प्राथमिकता है।

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