अल्मोड़ा-मानस पब्लिक स्कूल ढूंगाधारा में प्रातः 8 बजे ध्वजारोहण किया गया।इसके उपरांत विद्यालय की प्रधानाचार्या मंजू बिष्ट,उपप्रधानाचार्या श्रीमती रंजना भंडारी,वंदना भंडारी द्वारा दीप्रप्रज्व्वल कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।प्रबंधक कमल कुमार बिष्ट व विद्यालय परिवार ने शास्त्री व गांधी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके जन्मदिन पर उनको याद कर श्रदांजली अर्पित की।
विद्यालय की प्रधानाचार्या मंजू बिष्ट ने गांधी जी व शास्त्री जी की दी हुई शिक्षाओ को अपनाने का संकल्प लिया व स्वछता की ओर ध्यान दिलाते हुए देश व समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करने का संकल्प लिया।विद्यालय में इस अवसर पर विभिन्न प्रतियगिताएं कराई गई।कार्यक्रमों का संचालन वन्दना भंडारी, संयोजन श्रीमती रंजना भंडारी ने किया।बच्चों द्वारा भाषण,निबंध व चित्रकला प्रतियोगिताओ में प्रतिभाग किया गया।इन प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया।विद्यालय के प्रबंधक कमल कुमार बिष्ट ने गांधीजी व शास्त्री जी के जीवन पर प्रकाश डाला।शिक्षिकाओं ने बच्चो को सत्य व अहिंसा के पथ पर चलने को कहा।इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक व शिक्षिकाओं में विधि अग्रवाल,निधि अग्रवाल,आरती बिष्ट,अनीता नेगी,दिव्या लक्ष्मी,उमा पूना,कनिष्का भंडारी,नीमा मेहता राधा रावत ,प्रेमा रावत आदि उपस्थित रहे।आज इस अवसर पर मानस पब्लिक स्कूल अल्मोड़ा द्वारा भाषण प्रतियोगिता,चित्रकला और निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जो कि लाल बहादुर शास्त्री और महात्मा गांधी पर आधारित रहा।भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान ज्योत्सना त्रिपाठी कक्षा 8,दूसरा स्थान सिद्धि जोशी कक्षा 7 और तीसरा स्थान अभिलाषा जोशी कक्षा 7 ने प्राप्त किया।इसी क्रम में चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान, गौरव कठायत कक्षा 5,दूसरा स्थान करण बिष्ट कक्षा 6 एवं तीसरा स्थान आयुष मेहरा कक्षा 6 ने तथा निबन्ध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अभय तिवारी कक्षा 8,दूसरा स्थान दीप्ती जोशी कक्षा 8 तथा तीसरा स्थान आयुषी मेहरा कक्षा 8 ने प्राप्त किया।श्रीमती मंजू बिष्ट प्रधानाचार्य मानस पब्लिक स्कूल अल्मोड़ा ने सभी विजेता और प्रतिभागियो को बधाई दी। उपप्रधानाचार्य श्रीमती वंदना भंडारी और श्रीमती रंजना भंडारी ने प्रतियोगिताओ का आयोजन किया और सभी को शास्त्री जयंती और गांधी जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी।श तथा उनके सफल नेतृत्व और कुशल मार्गदर्शन,त्याग,तपस्या, मेहनत और बलिदान को याद कर प्रेरणा लेने और आत्मसात करने का संकल्प लेने के लिए कहा।
