अल्मोड़ा-जिला बार एसोसिएशन अल्मोड़ा के तत्वावधान में जिला न्यायालय सभागार में महिला दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर नव पंजीकृत कनिष्ठ महिला अधिवक्ताओं का परिचय सत्र हुआ, जिसमें उन्होंने अपना संक्षिप्त परिचय दिया। अधिवक्ता भूमिका जीनवाल, मीनाक्षी और अनीता जोशी ने अपने अनुभव साझा किए और वकालत में महिलाओं के समक्ष आने वाली चुनौतियों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान “महिला कानून और महिला दिवस: वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिकता” विषय पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में उपस्थित अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महिला दिवस के इतिहास, उसकी यात्रा और वर्तमान स्थिति पर गहन विचार-विमर्श किया। बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष कवींद्र पंत, अधिवक्ता जमन सिंह बिष्ट, आजाद खान, पी.सी. तिवारी, नीतू कपकोटी, सुनीता पांडे और डॉ. निर्मला तिवारी ने भी अपने संबोधन में महिला सशक्तिकरण और समाज में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन बार एसोसिएशन की उपाध्यक्षा भावना जोशी और कार्यकारिणी सदस्य रमाशंकर नैनवाल ने संयुक्त रूप से किया। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए मीता उपाध्याय ने कहा कि महिला दिवस का उद्देश्य स्त्री-पुरुष तुलना नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव के लिए दोनों की साझेदारी को रेखांकित करना है। विशेष आमंत्रित हाईकोर्ट अधिवक्ता स्निग्धा तिवारी ने अधिवक्ताओं की सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं को अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने एसिड अटैक, बढ़ते महिला अपराध और रेप केस जैसे विषयों पर विधिक और सामाजिक पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर विभा पांडे, विमला, रीता मेहरा, रुचि कुटौला, दीपा नेगी, गरिमा चिलवाल, पूजा आर्य, माधव सिंह बिष्ट, रमेश उपाध्याय सहित कई अधिवक्ता और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वॉलंटियर भी उपस्थित रहे।
