कपकोट-कोरोना महामारी के कारण विद्यालय लंबे समय से प्रभावित हैं तथा बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर बोर्ड की परीक्षाएं स्थगित हो गयी हैं।इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए मां उमा हाईस्कूल कपकोट में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए व कोरोना महामारी से पूरे विश्व में शांति स्थापना हेतु भागवत कथा का आयोजन किया गया।कथा को सम्पन्न आचार्य आनंद बल्लभ पांडेय द्वारा किया गया।उन्होंने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन से वातावरण के साथ -साथ मानसिक शांति की भी अनुभूति होती है तथा भगवद कथा सभी ग्रंथों का सार है।कथा सुनना और सुनाना दोनों ही मुक्तिदायिनी हैं और आत्मा को मुक्ति का मार्ग दिखाती है।उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति किसी तीसरे व्यक्ति को कथा सुनने के लिए प्रेरित करता है तो पहले व्यक्ति को इस बात का भी पूरा फल मिलता है।उन्होंने कहा कि गुरु वशिष्ट व महर्षि विश्वामित्र के प्रसंग के माध्यम से श्रोताओं को बताया कि कथा सुनने का फल सभी पुण्यों,तपस्या व सभी तीर्थों की यात्रा के फल से भी कहीं बढ़कर है।भागवत कथा का आयोजन करने तथा सुनने के अनेक लाभ हैं।इसे आयोजित कराने तथा सुनने वाले व्यक्तियों-परिवारों के पितरों को शांति और मुक्ति मिलती है। इसे सुनने के क्रम में आत्मिक ज्ञान की प्राप्ति करते हुए आप सांसारिक दुखों से निकल पाते हैं।मनोकामना पूर्ति होती है।श्रीमद्भागवत कथा के महत्व को समझाते हुए उन्होंने कहा कि भागवत कथा में जीवन का सार तत्व मौजूद है आवश्यकता है निर्मल मन ओर स्थिर चित्त के साथ कथा श्रवण करने की।भागवत श्रवण से मनुष्य को परमानंद की प्राप्ति होती है।श्रीहरि के कृपापात्रों को संसार में कोई भयभीत नहीं कर सकता।इसलिए हर किसी को कथा का आयोजन कराना चाहिए।
विद्यालय के प्रधानाचार्य गंगा सिंह बसेड़ा ने बताया कि हर वर्ष विद्यालय में कथा का आयोजन बच्चों के द्वारा किया जाता था मगर इस वर्ष बच्चों को आने की अनुमति नहीं है।जिस हेतु परम्परा को जारी रखते हुए विद्यालय में इसका आयोजन विद्यालय के द्वारा किया जा रहा है।जिसमें सभी बच्चों के भविष्य को सुखमय बनाने की प्रार्थना की गयी।इस अवसर पर विद्यालय के संचालक उमेश जोशी ने सभी विद्यालय स्टाफ दीपक कपकोटी,कैलाश जोशी,सरिता कपकोटी,अरविंद उपाध्याय,हरिमोहन ऐठानी,रंजना बसेड़ा,पूजा पांडेय,दीपा रावत आदि साथ मिलकर पूजा सम्पन्न कराने में अपना योगदान दिया।