अल्मोड़ा-आज मां नंदा सर्वदलीय महिला संस्था द्वारा मां नन्दा देवी मन्दिर में महिला होली का भव्य आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने प्रतिभाग किया।इस अवसर पर महिलाओं ने कुमाऊनी गीतों और होली के पारंपरिक गीतों पर शानदार नृत्य किया जिससे समस्त वातावरण उल्लासमय और रंगीन हो उठा।होली गायन में महिलाओं में गजब का उतूनजर आया।उन्होंने अबीर-गुलाल उड़ाकर एक-दूसरे को होली की बधाई दी और पारंपरिक गीतों पर स्वांग भी रचाया।इस अवसर पर संस्था की सचिव गीता मेहरा ने कहा कि कुमाऊनी होली की परंपरा उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में विशेष महत्व रखती है।यह उत्सव बसंत पंचमी से प्रारंभ होकर होली तक चलता है।इस दौरान बैठकी होली, खड़ी होली और महिला होली जैसे विभिन्न रूपों में इस पर्व को मनाया जाता है।महिला होली में विशेष रूप से महिलाएं एकत्रित होकर होली गीत गाती हैं और पारंपरिक परिधानों में सजकर नृत्य करती हैं।यह आयोजन न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि इससे महिलाओं की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को भी प्रोत्साहन मिलता है।महिला होली के आयोजन महिलाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं।इन आयोजनों में महिलाएं न केवल होली के गीत गाती हैं बल्कि स्वांग,नृत्य और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेती हैं।इस तरह के आयोजन महिलाओं को अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ने और उसे संरक्षित करने में सहायता करते हैं। साथ ही यह कार्यक्रम समाज में एकता और समरसता को बढ़ावा देते हैं जहां महिलाएं मिलकर सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेती हैं और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करती हैं। इस बार के आयोजन में भी महिलाओं ने पूरे जोश और उत्साह के साथ भाग लिया जिससे यह कार्यक्रम बेहद सफल और यादगार बन गया।इस अवसर पर मीना भैसोड़ा,गीता मेहरा,भगवती बिष्ट,बिमला बोरा, किरन शाह,ज्योति रावत,राधा राजपूत,लकी वर्मा,गीता पांडे,गंगा पांडे,निर्मला जोशी,हेमा जोशी,हर्षिता नेगी,प्रेमा बिष्ट,राजेश्वरी जम्याल,विद्या बिष्ट आदि सहित सैकड़ों महिलाएं शामिल रही।
