अल्मोड़ा-ग्रीन हिल्स ट्रस्ट द्वारा अल्मोड़ा लिट्रेचर फेस्टिवल के तहत महिलाओं की पारंपरिक कुमाऊँनी लोकगीत समूह गायन प्रतियोगिता का आयोजन नगर के एक होटल में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत फेस्टिवल की अध्यक्षा वसुधा पंत ने अतिथियों का स्वागत करते हुए की और आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस मौके पर नगर के वरिष्ठ साहित्यकार और रंगकर्मी त्रिभुवन गिरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए आयोजन की सराहना की और इसे कुमाऊँ की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का महत्वपूर्ण प्रयास बताया। प्रतियोगिता में नगर की 13 महिला टीमों ने भाग लिया और शकुन आंखर, मंगल गीत, झोड़ा, छपेली, चांचरी सहित पारंपरिक गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। निर्णायक मंडल में नवीन बिष्ट, लता पांडे और राजेंद्र नयाल शामिल थे। कार्यक्रम में अनिल सनवाल, मीता उपाध्याय, रीता दुर्गापाल, शोभा जोशी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे और प्रतिभागी टीमों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ लोक कलाकार कृष्ण मोहन सिंह बिष्ट ‘नन दा’ को उनके योगदान के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया। नारायण सिंह थापा ने हुड़के पर और जगमोहन आगरी ने हार्मोनियम पर संगत दी, जबकि संचालन मीनाक्षी पाठक ने किया। आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता के परिणाम 10 से 12 अक्टूबर तक मल्ला महल में होने वाले अल्मोड़ा लिट्रेचर फेस्टिवल-2025 में घोषित किए जाएंगे।
