देहरादून-जोधा फिल्म के बैनर तले बनी इस उत्तराखंडी प्रादेशिक फीचर फिल्म का निर्माण पहली बार उत्तराखंड की तीनों भाषाओं गढ़वाली, कुमांऊनी व जौनसारी में किया गया है। जिसका नाम है चक्रव्यूह।जो आज रिलीज हो रही है।इसके निर्माता हैं संजय जोशी व सुधीर धर। इस फिल्म की निर्देशक हैं उत्तराखंड फिल्म जगत की जानी-मानी सुप्रसिद्ध पहली महिला डायरेक्टर श्रीमती सुशीला रावत।इस फिल्म की कहानी सुशीला रावत के हिन्दी नाटक प्रेम आहुति पर आधारित है जिसको उन्होंने शैक्सपीयर के बहुचर्चित नाटक ओथेलो को केन्द्र में रख कर लिखा था। इस फिल्म की पटकथा, संवाद व गीत भी बहु प्रतिभा की धनी सुशीला रावत के ही हैं।इस फिल्म की शूटिंग चम्पावत की खूबसूरत वादियों में,
वीर घटोत्कच्छ मंदिर,चायबागान, पैती,भरदोली,लटोली,देवाली खाल,मल्ली चौकी, कोतवाली, मेटला फूगर, बालेश्वर मंदिर, सल्ला व तीनयार चाय बाग में की गई है।इस फिल्म में उत्तराखंड फिल्म जगत के जाने-माने कलाकारों ने काम किया है जिसमें पदमेंद्र रावत,राजेश नौगांई, रणबीर चौहान,खुशहाल सिंह बिष्ट , कुलदीप असवाल,अजय बिष्ट,प्रदीप नैथानी,जितेन्द्र प्रताप सिंह तथा महिला कलाकार हैं वन्दना सुन्द्रियाल, भावना नेगी,पिंकी नैथानी व किरन लखेड़ा।फिल्म के कोरियोग्राफर हैं अंकुश सकलानी।संगीत निर्देशक हैं उत्तराखंड संगीत जगत के सुप्रसिद्ध संगीतकार लोक व फोक के मर्मग्य राजेन्द्र चौहान।फिल्म के सुंदर गीतों को स्वर दिया है उत्तराखंड की स्वर कोकिला कल्पना चौहान, रोहित चौहान,शिवानी भागवत व अमित खरे ने।डी ओ पी / कैमरा डायरेक्टर हैं ध्रुव त्यागी।टीम लीडर हैं नीरज जोशी, प्रोडक्शन मैनेजर खुशहाल सिंह बिष्ट एवं प्रोडक्शन कंट्रोलर मुंकुद धर हैं। फिल्म की निर्देशक श्रीमती सुशीला रावत ने बताया कि यह फिल्म नौजवानों को एक सीख भी देती है,इस फिल्म में इस्तेमाल की गई हमारे पहाड़ की भेष – भूषा बहुत ही सुन्दर है और इसे हम अपने समारोहों, त्योहारों , विवाहोत्सव, मंगलकार्यों व पार्टियों में भी पहनें तो बहुत सुंदर लगेंगी, साथ ही इस फिल्म में पहाड़ की सुन्दरता देख कर पर्यटक स्वाभाविक रूप से आकर्षित होगा ।इस फिल्म को आज 25 अगस्त 2023 को देहरादून के साथ साथ उत्तराखंड , दिल्ली एनसीआर व देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी एक साथ रिलीज किया जा रहा है।इस फिल्म के लिए आप सभी सुधी जनों का प्यार अपेक्षित है,फिल्म को देखने अपने नजदीकी सिनेमा घरों में अवश्य जाएं तथा अपने मित्रों व रिश्तेदारों को प्रोत्साहित करें तभी उत्तराखंड के फिल्म जगत की प्रगति का मार्ग प्रशस्त होगा।
