खटीमा-आओ हम सब योग करें अभियान 2025 राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन,जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार एवं राज्य स्वच्छ गंगा मिशन, नमामि गंगे उत्तराखंड के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित योग शिविरों में युवा बुजुर्गों द्वारा बढ़ चढ़कर प्रतिभाग किया जा रहा है।डॉ नवीन भट्ट,डॉ धीरज बिनवाल और डॉक्टर मोनिका भसौडा़ के निर्देशन में खटीमा के अनेकों ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में यह आयोजन कराए जा रहे है।इसी क्रम में ग्राम जमौर में 21 जून तक निशुल्क योग शिविर चलाया जा रहा है जिसमें पश्चिमोत्तासन,नौकासन,तितली आसन,गोमुखासन,मंडूकासन,चक्की चालासन,त्रिकोणासन,ताड़ासन, द्विकोणासन,सूर्य नमस्कार आदि अनेकों आसान व प्रणायाम का प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसके द्वारा न केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है जिसे व्यक्ति अपने जीवन में सुख और शांति का अनुभव करता है जो आज के समय में हमारे समाज में एक चुनौती के रूप में देखा जाता है जिसे मात्र योग द्वारा ही प्राप्त किया जा सकता है।योगासनों के नियमित अभ्यास से होने वाले लाभ के बारे में बताया गया है।योग के साथ साथ प्राकृतिक चिकित्सा में सूर्य किरण चिकित्सा की जानकारी दी गई।सूर्य में उपस्थित सात रंगों का हमारे शरीर में संतुलन अति आवश्यक है इसके घटने या बढ़ने से हमारे शरीर में अनेक रोग हो जाते हैं जैसे त्वचा रोग, मधुमेह,अवसाद ,अनिद्रा आदि। सूर्य किरण चिकित्सा के माध्यम से बिना किसी हानि के रोगों को दूर किया जाता है।किस प्रकार से योग और प्राकृतिक चिकित्सा को अपनाकर हम अपने जीवन शैली में सुधार कर सकते हैं और अपने स्वास्थ्य को ठीक कर सकते हैं इसका नियमित अभ्यास हमारे शरीर के लिए अति आवश्यक है।इस दौरान डॉक्टर नवीन भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे योग शिविरों के माध्यम से जन जन को यह संदेश दिया जा रहा है कि वेदों की ओर लौटो,प्रकृति से प्रेम करो प्रकृति के जिस प्रकार पांच तत्वों से पृथ्वी जल अग्नि और वायु आकाश से निर्मित है।भट्ट ने कहा कि ठीक उसी प्रकार यह हमारा शरीर भी इन्हीं पांच तत्वों से निर्मित है।अगर हम इन पांच तत्वों में ताल में बनाकर नहीं रखेंगे प्रकृति से दूर रहेंगे तो निश्चित तौर पर हमारे शरीर में इन पांच तत्वों का असंतुलन होगा जिससे शारीरिक बीमारी,मानसिक रूप से असंतुलन पैदा हो सकता है किंतु प्रकृति के समीप रहने से इन सभी एलिमेंट्स में एक संतुलन लाया जा सकता है। जिससे एक प्राकृतिक रूप से एक उन्नत स्वास्थ्य को प्राप्त किया जा सकता है।योग को अपनाना वेदों का अध्ययन करना उपनिषदों का अध्ययन करना इस चाहिए।डॉ धीरज बिनवाल ने कहा योग का जो वास्तविक अर्थ है वह जुड़ना है।हमें अपनी प्रकृति के साथ जुड़ कर रहना चाहिए।साथ ही प्राकृतिक रूप से आहार विहार करना चाहिए।उन्होंने कहा कि अधिकांश बीमारियां हमारे आहार विहार के कारण उत्पन्न हो रही है इसीलिए प्राकृतिक रूप से प्राकृतिक आहार ग्रहण किया जाए। प्रकृति के समीप रह जाए तो इससे तथ्य आहार उन्होंने यौगिक आहार के ऊपर चर्चा करते हुए मिताहार का वर्णन किया।उन्होंने कहा कि अपनी भूख से एक चौथाई कम भोजन करना चाहिए।ऐसा करने से अनेकों शारीरिक समस्याओं से बचा जा सकता है।डॉ मोनिका भैसोड़ा ने कहा योग के अंतर्गत इस नियम का वर्णन है जो हमें हमारे व्यक्तित्व का निर्माण करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इनका पालन करने से व्यक्ति मानसिक रूप से मजबूत बन सकता है।अच्छा व्यक्तित्व ओर अच्छे समाज का निर्माण किया जा सकता है।इसी क्रम में अनेक शिविर आयोजित किए जा रहे हैं जिनमें मुरादाबाद,लखनऊ, बिजनौर,गोंडा,हैदराबाद,बरेली, सितारगंज,पीलीभीत, पंतनगर,बनबसा,टनकपुर,नानकमत्ता,रुद्रपुर,रामनगर,अल्मोड़ा,अमोरी, मलधनचौड़,श्यामलाताल,हाल्से, हल्द्वानी,रानीखेत,चंपावत,लोहाघाट, पिथौरागढ़ ,मुक्तेश्वर आदि में चलाए जा रहे हैं।अनेको खटीमा में ही 56 शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।घाट रोड देवसैनी कॉलोनी,बग्गा कॉलोनी,राजीव नगर,ऑस्मिक एकेडमी श्रीपुर बिछुआ,बघियाडाट खटीमा,प्रेम पैलेस,रियात पैलेस नानकमत्ता,गुरुनानक इंटर कॉलेज नानकमत्ता,द्वारिका कॉलोनी अल्केमिस्ट रोड,वार्ड नंबर 13 सलामत बिडोरा मझोला,कंजाबाग निकट दूध डेयरी,भूड,महोलिया,ग्रीन पार्क खटीमा,जे एल एन पार्क टनकपुर,जमौर,खटीमा,महौलिया खटीमा,नशा मुक्ति केंद्र बनबसा रियात बैंकट हॉल नानकमत्ता सी सिसईखेड़ा,श्री महाकालेश्वर मंदिर , अमाऊ,चुनाभट्टी,सरस्वती पब्लिक स्कूल खटीमा,वार्ड नंबर 18, एच० जे .पार्क खटीमा,राम गुलाम गली वार्ड नंबर 14,विगराबाद,राम मंदिर श्रीपुर,बिछुआ,अमाऊ,झनकट,कूर्मांचल कलोनी,टीचर्स कलोनी,आवास विकास,चकरपुर,कुटरा आदि स्थानो में निशुल्क योग शिविर चलाये जा रहे हैं।
