खटीमा-आओ हम सब योग करे अभियान 2025 राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन,जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार एवं राज्य स्वच्छ गंगा मिशन, नमामि गंगे उत्तराखण्ड के संयुक्त तत्वावधान में प्रदेशभर में योग शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।इस वर्ष नमामि गंगे कार्यक्रम ने एक नई पहल करते हुए योग शिविरों के साथ-साथ आसपास स्थित मंदिरों और मठों में वेद,पुराणों और नदी सभ्यता पर विशेष चर्चा की जा रही है।इन संवादों में वेदों,पुराणों में वर्णित नदियों के महत्व,गंगा नदी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भूमिका पर चर्चा की जा रही है।बिगराबाग आओ हम सब योग करे के तहत भागीरथी पब्लिक स्कूल बिगराबाग खटीमा में योग शिविर का आयोजन किया जा रहा है।पी जी डिप्लोमा योग साईस की छात्रा मोहिनी राना ने योग के बारे मे जानकारी दी।योग शिविर में मोहिनी राना ने आसन प्राणायाम के बारे बताया है।आसनो में पदमासन, अर्धपदमासन व ध्यानातमक आसन है।रोज करने वाले योगासन में ताडासन,गोमुखासन,उष्टारसन, बालसन,वीरभद्र आसन इन 7 योगासनो के अभ्यास से पूरे दिन शरीर एक्टिव रहता है।हमको आलस्य नही आता है।सभी मनुष्य को रोज सुबह जल्दी उठकर योग का अभ्यास करना चाहिए।योग करने से शरीर और मन प्रसन्न रहता है।इस दौरान सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के विभागाध्यक्ष डॉ नवीन भट्ट ने उपस्थित लोगों को योग के प्रति जागरुक करते हुए कहा कि यह हमारी प्राचीन विद्या है।आज हम सबके लिए यह बड़े गर्व की बात है कि मुख्यमंत्री द्वारा स्वस्थ उत्तराखंड के लिए नमामि गंगे जैसे परियोजनाओं के माध्यम से जगह-जगह योग शिविरों को करा कर प्रत्येक व्यक्ति को योग के प्रति जागरूक कर उसे अपने जीवन में अपनाने के लिए पहल चलाई जा रही है और डॉक्टर भट्ट ने कहा कि हम सब इस पहल को सफल बनाने में लगे हुए हैं और जगह-जगह योग शिविरों को आयोजन कर हम जन-जन तक योग पहुंचाना मुख्यमंत्री के संकल्पों को पूरा करना हमारा लक्ष्य है।हम आम जनता तक योग को पहुंचकर एक स्वस्थ उत्तराखंड,स्वस्थ भारत और स्वस्थ विश्व की ओर आगे बढ़ेंगे जैसे पर्यावरण प्रदूषण जल प्रदूषण जैसी विभिन्न परेशानियों का समाधान योग के माध्यम से किया जा सकता है।जब योग से एक सरल और स्वस्थ समाज स्वस्थ व्यक्तित्व का निर्धारण होगा तो उसे ही हम एक स्वस्थ पर्यावरण की ओर नमामि गंगे जैसे प्रोजेक्ट को सफल बनाने में सरकार सिद्ध हो सकते हैं।डॉ धीरज बिनवाल ने कहा योग का अर्थ जुड़ना है हमें न केवल आत्मा से जुड़ना है बल्कि हमें अपने समाज अपने पर्यावरण और परमात्मा ईश्वर के साथ जुड़ने की विधा ही योग है इसलिए योग का अपना कर हम एक अपने समग्र स्वास्थ्य जिसमें शरीर मन और आत्मा को एक साथ जोड़कर एक समग्र स्वास्थ्य को प्राप्त कर एक स्वस्थ समाज स्वस्थ भारत का निर्माण कर सकते हैं।मोनिका भैसोड़ा ने ध्यान के प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए मनुष्य के मानसिक स्वास्थ्य मनुष्य के जीवन में विचारों की उथल-पुथल को संतुलित करने के लिए ध्यान की उपयोगिता का वर्णन किया।इस अभियान के तहत विभिन्न स्थलों पर शिविरों का आयोजन किया जा रहा हैकई शिविर मुरादाबाद,लखनऊ , बिजनौर,गौंडा,हैदराबाद,बरेली, सितारगंज,पीलीभीत,पंतनगर,बनबसा,टनकपुर,नानकमत्ता,रुद्रपुर ,रामनगर,अल्मोड़ा,अमोरी,मलधनचौड़ , श्यामलाताल,हाल्से,हल्द्वानी , रानीखेत,चंपावत,लोहाघाट, पिथौरागढ़ ,मुक्तेश्वर आदि में चलाए जा रहे हैं।अकेले खटीमा में ही 56 शिविरों का आयोजन किया जा रहा है ।घाट रोड देवसैनी कॉलोनी,बग्गा कॉलोनी,राजीव नगर,ऑस्मिक एकेडमी श्रीपुर बिछुआ,बघियाडाट खटीमा,प्रेम पैलेस,रियात पैलेस नानकमत्ता, गुरुनानक इंटर कॉलेज नानकमत्ता,द्वारिका कॉलोनी अल्केमिस्ट रोड वार्ड नंबर 13 सलामत बिडोरा मझोला,कंजाबाग निकट दूध डेयरी,भूड,महोलिया,ग्रीन पार्क खटीमा,जे एल एन पार्क टनकपुर,जमौर खटीमा,महौलिया खटीमा,नशा मुक्ति केंद्र बनबसा रियात बैंकट हॉल नानकमत्ता सी सिसईखेड़ा,श्री महाकालेश्वर मंदिर , अमाऊ,चुनाभट्टी,सरस्वती पब्लिक स्कूल खटीमा वार्ड नंबर 18,एच जे पार्क खटीमा,राम गुलाम गली वार्ड नंबर 14, विगराबाद,राम मंदिर श्रीपुर बिछुआ,अमाऊ,झनकट,कूर्मांचल कलोनी,टीचर्स कालोनी,आवास विकास,चकरपुर ,कुटरा आदि स्थानो में निशुल्क योग शिविर चलाये जा रहे हैं।

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