खटीमा-राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार एवं राज्य स्वच्छ गंगा मिशन,नमामि गंगे उत्तराखण्ड के संयुक्त तत्वावधान में प्रदेशभर में योग शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।इस वर्ष नमामि गंगे कार्यक्रम ने एक नई पहल करते हुए योग शिविरों के साथ-साथ आसपास स्थित मंदिरों और मठों में वेद, पुराणों और नदी सभ्यता पर विशेष चर्चा की जा रही है। इन संवादों में वेदों, पुराणों में वर्णित नदियों के महत्व, गंगा नदी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भूमिका पर चर्चा की जा रही है।आओ हम सब योग करें अभियान में कराए गए योग अभ्यास से लोगों को बहुत स्वस्थ लाभ मिल रहा है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को लेकर लोगों की बढ़ती भीड़ देखने को मिल रही है।खटीमा महाकालेश्वर शिव मंदिर में चल रहे योग शिविरों में आओ हम योग करें अभियान के तहत हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्रा ललिता द्वारा एक माह से लगातार योग शिविर कराए जा रहे है, योग आसनों के दिखे प्रभावों को लेकर लोगों ने खूब बढ़ चढ़ के योग शिवर में हिस्सा लिया ललिता द्वारा योग व प्राणायाम,ध्यान के महत्व को बताया जैसे मंडूकासन, शलभ आसन,नौका चालान,पर्वत आसान,धनु आसन,चक्रासन आदि आसनों को कराया व उनके लाभ के बारे में बताया तथा सूक्ष्म व्यायाम के बारे में भी जानकारी दी और प्राणायाम में शीतकारी प्राणायाम, अनुलोम विलोम,भस्त्रिका,भ्रामरी प्राणायाम से होने वाले बच्चों के जीवन में प्रभावों के बारे में जानकारी दी और ध्यान से मन की चंचलता को व तनाव चिंता को दूर करने का साधन बताया।इस दौरान डॉक्टर नवीन भट्ट ने कहा की योग आज हर व्यक्ति के जीवन में बहुत आवश्यक है हर व्यक्ति को योग को अपने जीवन का हिस्सा बनना चाहिए योग व प्राणायाम को अपने जीवन में शामिल करके सभी प्रकार के रोगों व डिप्रेशन जैसी समस्या को नष्ट किया जा सकता है।डॉ भट्ट ने कहा बच्चो को बचपन से ही योग उपनिषद वेद पुराण का अध्ययन करना चाहिए और उसमें निहित ज्ञान को आत्मसार कर अपने जीवन को सफल बनाना चाहिए।डॉ धीरज बिनवाल ने कहा हमें योग को अपने अन्य दैनिक कार्यों की ही तरह एक महत्वपूर्ण कार्य समझकर उसके लिए समय निकलना चाहिए जब शरीर है तब जाकर अन्य कार्य हम कर पाते है इसीलिए पहले शरीर का ध्यान रखना चाहिए।डॉ बिनवाल ने कहा मनुष्य जीवन भगवान का हमारे लिए सबसे बड़ा उपहार है बड़े भाग मानुष तन पावा।डॉ मोनिका भैंसोड़ा ने भी लोगों को योग,वेद में वर्णित ज्ञान का विस्तार से वर्णन किया इस दौरान जिया भंडारी,जानवी भंडारी,अविका भंडारी,गीता कश्यप,वैशाली कश्यप, पदमा अवस्थी,सत्यम कुमार,बिन्नी कुमार,अंशुम अवस्थी,डॉली देव, चंद्रशेखर भट्ट,दिगंबर सिंह बिष्ट, भगवान सिंह मेहरा,पार्वती देवी, बसंती मुंडेला,सूरज कुमार,अंशुम चक्रवर्ती सोनू कुमार आदि उपस्थित थे।
