अल्मोड़ा-शहर के खजाँची मोहल्ले में इन दिनों खेल, उत्साह और सामाजिक एकता का अनूठा माहौल देखने को मिल रहा है।पिछले दो सप्ताह से चल रही ओपन प्राइजमनी मैत्री कैरम प्रतियोगिता अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है।मोहल्ले के युवाओं, वरिष्ठ खिलाड़ियों और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से आयोजित यह प्रतियोगिता न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच दे रही है,बल्कि आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता को भी मजबूत कर रही है।प्रतियोगिता की शुरुआत से ही प्रतिदिन शाम को कैरम बोर्ड के चारों ओर खिलाड़ियों और दर्शकों की भीड़ उमड़ रही है। हर मुकाबले में खिलाड़ियों की एकाग्रता,सटीक निशानेबाजी और रणनीतिक खेल ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।युवाओं का अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण आयोजन की खास पहचान बन गया है।वर्तमान में प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल मुकाबले खेले जा रहे हैं जो बेहद रोमांचक साबित हो रहे हैं। पहले क्वार्टर फाइनल में हब्बू और मनोज की जोड़ी ने यश और इन्दर की जोड़ी को 29–27 के बेहद करीबी अंतर से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।यह मुकाबला अंतिम क्षणों तक रोमांच से भरपूर रहा, जिसमें दोनों टीमों ने कड़ी टक्कर दी।वहीं दूसरे मुकाबले में राजेश और उमेश की जोड़ी ने शानदार तालमेल का प्रदर्शन करते हुए संजय और बिट्टू की टीम को 29–24 से पराजित किया।मैच के दौरान कई शानदार शॉट्स देखने को मिले, जिन पर दर्शकों ने तालियों की गूंज से खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।इस जीत के साथ राजेश और उमेश की टीम भी सेमीफाइनल में पहुंच गई।प्रतियोगिता के सफल संचालन में निर्णायक मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।हर्षवर्धन वर्मा, राजेश पांडे, मनीष वर्मा, फिरोज अंसारी, राजेश साह, रोहित साह और पंकज वर्मा ने निर्णायक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निष्पक्षता के साथ निभाई। वहीं स्कोरर की भूमिका में परीक्षित साह और कंचन बिष्ट ने सटीक अंक गणना कर प्रतियोगिता को व्यवस्थित बनाए रखा।आयोजन के दौरान क्षेत्र के वरिष्ठ कैरम खिलाड़ियों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई।इस अवसर पर शरद कन्नौजिया, दीपक वर्मा, हेम साह, मनोज साह, ललित मोहन साह, राकेश साह, चंदन गैड़ा, किशन साह सहित कई वरिष्ठ खिलाड़ी मौजूद रहे।साथ ही व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष सुशील साह सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने आयोजन की सराहना की।प्रतियोगिता के मुख्य आयोजक विनीत बिष्ट ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल खेल तक सीमित नहीं है बल्कि समाज में एकता, सहयोग और सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में खेल युवाओं को अनुशासन,धैर्य और टीम भावना सिखाते हैं।अब प्रतियोगिता अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों को लेकर खिलाड़ियों और दर्शकों में खासा उत्साह है। रविवार को होने वाला फाइनल मुकाबला पूरे मोहल्ले के लिए उत्सव जैसा होगा जिसमें विजेता और उपविजेता टीमों को नकद पुरस्कार, ट्रॉफी और सम्मान प्रदान किया जाएगा।खजाँची मोहल्ले की यह पहल खेल भावना और सामाजिक एकता का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरी है, जहां अब सभी की निगाहें फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं।

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