अल्मोड़ा-उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन उत्तराखंड जनपद अल्मोड़ा की वर्चुअल बैठक आज सम्पन्न हुई। बैठक में वक्ताओं द्वारा गोल्डन कार्ड विसंगति निराकरण, फारगो नियमावली विसंगति निराकरण,शिथिलीकरण के तहत पदोन्नति सूची करने,पंचायती चुनावों में कार्मिकों को नजदीकी ब्लाक में ड्यूटी लगाने,चुनावों में अव्यवस्थाएं दूर करने, प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापक प्रवक्ता के पदों को पदोन्नति से भरने,अशासकीय विद्यालयों में नई नियुक्ति करने हेतु जोर दिया।डी के जोशी अध्यक्ष डिप्लोमा फार्मेसी एसोसिएशन जनपद अल्मोड़ा ने कहा कि सरकार कार्मिक विरोधी निर्णय ले रही है और कोविड काल के दौरान अस्पतालों में कार्य की धनराशि नहीं दी गई है जबकि एन एच एम को दिया गया है।इस धनराशि का भुगतान किया जाय। गणेश भंडारी पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन के अध्यक्ष ने कहा कि अधिकारी बेलगाम हो गये है और अपनी बातों से भी मुकर रहे हैं पदोन्नति में अनिवार्य रूप से काउंसलिंग करानी चाहिए।संजय जोशी कोषाध्यक्ष ने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी उप शिक्षा अधिकारी व प्रधानाचार्य,प्रधानाध्यापक सभी पदों को भरा जाना चाहिए।शिक्षा के अधिकार के कानून के बाहर निर्णय भी होना दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।दिगंबर फुलोरिया वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान में सरकार किसी की भी नहीं सुन रही है इसलिए धरना प्रदर्शन आंदोलन किया जाएगा।कमल हरबोला ने विनियमितकरण व तदर्थ सेवा पर चयन व प्रोन्नत वेतनमान देने की बात कही।हरिशंकर ममगाईं ने कहा कि धरना प्रदर्शन आवश्यक हो गया है।मेहताब अंसारी ने कहा कि शिक्षकों के अवकाश में बाधा उत्पन्न की जा रही है यह ठीक नहीं है।नेहा निवेदिता व दिनेश चन्द्र आर्य ने कहा कि वर्तमान हालात से निपटने के लिए धरना प्रदर्शन आंदोलन जरूरी है। धीरेन्द्र कुमार पाठक सचिव ने कहा कि उत्तराखंड बनने के बाद वर्तमान दौर सबसे खराब गुजर रहा है सरकार व अधिकारी मनमानी कर रहे हैं और स्थानांतरण नीति लागू होने के बाद भी लागू नहीं किया जाना सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है।चिकित्सा प्रतिपूर्ति के तहत भुगतान नहीं हो रहा है जबकि वेतन से नियमित कटौती हो रही है। अध्यक्ष डा मनोज कुमार जोशी ने कहा कि फारगो नियमावली विसंगति निराकरण,स्थानांतरण नीति व शिथिलीकरण के तहत पदोन्नति होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी,उप शिक्षा अधिकारी कार्यालयों को जिला मुख्यालय में शिफ्ट कर देना चाहिए और प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापक प्रवक्ता पदों पर पदोन्नति होनी चाहिए।अशासकीय विद्यालयों में भी नवीन नियुक्ति होनी चाहिए।पी एस बोरा संरक्षक व भुवन चन्द्र ने कहा कि वर्तमान दौर ठीक नहीं चल रहा है सभी संगठनों के पदाधिकारियों को सरकार की खराब नीतियों का विरोध करना होगा।वक्ताओं ने चेतावनी दी है कि सरकार व शासन द्वारा कार्य का निस्तारण नहीं किया गया तो निकट भविष्य में आंदोलन की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।

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