अल्मोड़ा-आज कल्पना कृति जन महिला जागृति समिति अल्मोड़ा की अध्यक्ष मंजू बिष्ट और मुख्य संरक्षक कमल कुमार बिष्ट के पुत्र प्रतीक बिष्ट के जन्म दिवस के अवसर पर परिवार के सदस्यों द्वारा तय कर पर्यावरण संरक्षण हेतु अपनी जिम्मेदारी, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और प्रकृति के साथ संवेदनशील होकर वृहद स्तर पर पौधारोपण किया। समिति के द्वारा समाज हित,मानव कल्याण के साथ साथ पर्यावरण के दृष्टिगत जल,जमीन,जंगल संरक्षण हेतु लगातार प्रयास जारी रखा गया है।आज इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए कल्पना कृति जन महिला जागृति समिति अल्मोड़ा के माध्यम से पौधारोपण कार्य सरस्वती मंदिर परिसर निकट राज्य कर भवन और अवनि वन ग्राम गर नैनी कुमस्याल में किया गया।साथ ही अवनि वन के सुरक्षा व्यवस्था हेतु तार बार के लिए समिति को दस हजार रुपए अनुदान राशि कल्पना कृति जन महिला जागृति समिति अल्मोड़ा के कोषाध्यक्ष भुवन चंद्र त्रिपाठी को चैक के माध्यम से प्रदान की गयी है।यह राशि समिति के माध्यम से समिति के खाते में जमा की जाएगी और जल्द ही अवनि वन में लगाए गए पौधों की सुरक्षा व्यवस्था हेतु तार बार घेराबंदी बड़े स्तर में की जाएगी।समिति की अध्यक्ष मंजू बिष्ट ने बताया कि अवनि वन ग्राम गर नैनी कुमस्याल अल्मोड़ा में अब तक लगभग 800 के आस पास पौधे लगाए जा चुके हैं।इसके अलावा वृक्षारोपण अभियान पिछले कुछ वर्षों से समिति के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर चलाया जा रहा है।जिसमें विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। उन्होने बताया कि अवनि वन भी कमल कुमार बिष्ट एवं मंजू बिष्ट की पुत्री अवनि बिष्ट के जन्म दिवस समारोह में जन्म दिन पर ही विधिवत सभी की उपस्थिति और सहमति से एक पहल की गई ताकि आगे पर्यावरण संरक्षण हेतु एक अच्छा विकल्प तैयार हो।इस मुहिम हेतु अवनि बिष्ट की भी माता पिता के साथ साथ हार्दिक इच्छा रही कि पौधारोपण किया जाय।इसके लिए एक बड़ी धनराशि भी अवनि बिष्ट के जन्म दिवस के अवसर पर समिति को सहर्ष प्रदान की गई।आज इस मुहिम में मोहन सिंह,कमल कुमार बिष्ट,मंजू बिष्ट,दया देवी,अनंत बिष्ट,अखिलेश सिंह,कुंदन कुमार बिष्ट,गीता बिष्ट,अवनि बिष्ट,प्रतीक बिष्ट,दीपांशु तिलारा,अंशिका बिष्ट,आकांक्षा तिलारा,हंसा बिष्ट,राजेन्द्र सिंह,आरती बिष्ट,रिद्यांशी बिष्ट आदि ने अपने अपने स्तर पर पौधारोपण किया और विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जिसमें मुख्य रूप से देवदार,अमरूद,बांज,मोरपंखी, आंवला,भीमल आदि शामिल रहे।