अल्मोड़ा-जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने आज पशुपालन विभाग के अधीन संचालित राजकीय चारा एवं बीज उत्पादन प्रक्षेत्र (भैंसवाड़ा फार्म) का स्थलीय निरीक्षण किया। उल्लेखनीय है कि जिलाधिकारी द्वारा पूर्व दिवस भी प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया गया था। आज के निरीक्षण के दौरान उन्होंने पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में किए गए कार्यों की प्रगति का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन गौशाला के कार्यों का अवलोकन किया और इसके लिए चयनित स्थल का भी निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप एवं निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किया जाए।जिलाधिकारी ने गौशाला निर्माण के लिए इस स्थान को उपयुक्त बताया तथा कहा कि गौशाला निर्माण से जहां एक ओर निराश्रित गौवंश को आश्रय मिलेगा,वहीं दूसरी ओर नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निराश्रित गौवंश की समस्या का भी समाधान किया जा सकेगा।उन्होंने कार्यदायी संस्था जिला पंचायत के अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि उपयुक्त स्थान पर ही गौशाला का निर्माण किया जाए तथा संसाधनों का शत प्रतिशत सदुपयोग करें।उन्होंने नए चयनित स्थल पर भी गौशाला निर्माण का आगणन बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण करते हुए विभागीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पशुपालकों को विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने हेतु जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से संचालित किया जाए।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने पशुपालन विभाग के प्रशिक्षण केंद्र का भी निरीक्षण किया तथा वहां संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त की।उन्होंने इस प्रशिक्षण केंद्र की उपयोगिता स्पष्ट करने के निर्देश देते हुए कहा कि बीते वर्ष में इस केंद्र का कितना सदुपयोग किया गया तथा कितनी बार यहां प्रशिक्षण आयोजित हुए इसका पूरा ब्यौरा प्रस्तुत किया जाए।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा,मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ योगेश अग्रवाल,उपजिलाधिकारी सदर संजय कुमार,अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत राजेश कुमार सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
