अल्मोड़ा-क्वारब सुधारीकरण संघर्ष समिति ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर पुरजोर मांग की है कि क्वारब की पहाङी के सुधारीकरण के लिए पिछले एक साल से उत्तराखंड सरकार द्वारा सुधारीकरण किया जा रहा है।जिसमे देखने मे आया है कि उपरोक्त मोटर-मार्ग के सुधारीकरण मे पारम्परिक तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है जो पूर्णतः असफल होती दिख रही है।इस मोटर-मार्ग के स्थाई समाधान के लिए विश्व स्तरीय निविदा जारी कर इस पहाड के स्थाई स्थिरीकरण के लिए सबसे आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाऐ।क्वारब सुधारीकरण संघर्ष समिति के कहा कि कुमाऊँ के तीन पहाड़ी जिलो अल्मोड़ा-बागेश्वर-पिथौरागढ को तराई-भाभर से जोड़ने वाले क्वारब मोटर-मार्ग जो लंबे समय से शासन की उदासीनता के कारण अब तक उच्च तकनीक के इस्तेमाल न हो पाने के कारण बन नही पाया है।करोडो के टेन्डर लगने के बावजूद जहा एक ओर क्वारब मोटर मार्ग के ऊपर स्थित पहाड़ी लगातार दरक रहीं हैं वही मोटर मार्ग के नीचे की पहाड़ी मे नवनिर्मित दीवार मे दरारे पड़ गयी है।क्वारब मोटर-मार्ग सुधारीकरण संघर्ष समिति सरकार से पुरजोर मांग करती हैं कि इस मोटर मार्ग में करोडो का बजट जारी करने के बावजूद पारम्परिक तरीकों से क्वारब मोटर-मार्ग की इस पहाड़ी का स्थिरीकरण नहीं हो पा रहा है,पूर्व में भी देखने मे आया है कि जब-जब इस मोटर मार्ग के सुधरीकरण का कार्य सरकार द्वारा पारम्परिक तरीके से करवाया गया,असफल रहा है।क्वारब ने पारम्परिक तरीके से सुधारीकरण को कभी स्वीकार नहीं किया,इसलिए अत्यंत आवश्यक है कि इस मोटर मार्ग के सुधारीकरण के लिए न केवल विश्व स्तरीय टेन्डर प्रक्रिया जारी हो,साथ ही इस पहाड़ के स्थाई स्थिरीकरण के लिए सबसे उच्चतम व सबसे आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए।इसके अतिरिक्त सालों से क्षतिग्रस्त कुमाऊँ के पहाङी इलाक़ों को हल्द्वानी से जोड़ने वाले इस मोटर मार्ग के कारण उपरोक्त तीन जिलों के व्यापारियो को करोडो का नुकसान हो गया है।होटल व्यवसाय मंदी की चपेट मे आ गया है,आम नौकरी पेशा से लेकर पहाड के मरीजो के लिए जान पे आफत बन गया है,भारी वाहनो की आवाजाही इस मोटर-मार्ग से बंद होने के कारण राशन-पानी से लेकर भवन निर्माण की साम्रगी के दाम कई गुना बढ गए है जिसका सीधा खामियाजा आम आदमी पर पड़ रहा है।ज्ञापन सौंपने वालों मे विनय किरौला संयोजक क्वारब संघर्ष समिति,पीसी तिवारी,दिनेश जोशी/गिरीश नाथ गोस्वामी यूकेडी,मनोहर सिंह नेगी, राष्ट्रनीति संगठन के एड विनोद चंद्र तिवारी,सी एस बनकोटी,दीपा जोशी,पान सिंह,मनीष कांडपाल,मो शाकिब,मोहित शाह,अलका पंत, दीवान सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।
