अल्मोड़ा-जिला विकास प्राधिकरण को समूचे पर्वतीय क्षेत्र से स्पष्ट आदेश के तहत तुरन्त समाप्त कर भवन मानचित्र स्वीकृति सम्बन्धित समस्त आदेश पूर्व की भांति नगरपालिकाओं को देने की मांग को लेकर सर्वदलीय संघर्ष समिति ने आज गांधी पार्क चौहानबाटा अल्मोड़ा में धरना दिया तथा प्रदेश सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया।इस अवसर पर धरने को सम्बोधित करते हुए समिति के संयोजक एवं अल्मोड़ा नगरपालिका के अध्यक्ष प्रकाश चन्द्र जोशी ने कहा कि सरकार अपनी हठधर्मिता के चलते प्राधिकरण समाप्ति का स्पष्ट आदेश नहीं दे रही है जिससे जनता में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।श्री जोशी ने कहा कि कभी सरकार की तरफ से बयान आता है कि प्राधिकरण समाप्त कर दिया गया है एवं कभी सरकार के मंत्री बयान देते हैं कि प्राधिकरण में छूट दी जाएगी जो जनता में भ्रम की स्थिति पैदा कर रहा है।समिति के संयोजक ने प्रदेश सरकार से स्पष्ट मांग की है कि जनहित में बिना किसी लच्छेदार भाषा के स्पष्ट आदेश के तहत जिला विकास प्राधिकरण को समाप्त किया जाए।संघर्ष समिति के प्रवक्ता राजीव कर्नाटक ने कहा कि नवम्बर 2017 में प्रदेश की भाजपा सरकार ने तुगलकी फरमान से समस्त पर्वतीय क्षेत्रों में प्राधिकरण को लागू कर दिया था।उस दिन से लगातार विगत साढ़े तीन वर्षों से सर्वदलीय संघर्ष समिति जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण को समाप्त करने की मांग को लेकर आन्दोलनरत है।उन्होंने कहा कि समिति नवम्बर 2017 से लगातार धरना देकर प्रदेश सरकार को चेताने का कार्य कर रही है परन्तु सरकार घुमावदार आदेश देकर सिर्फ जनता में भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है।उन्होंने कहा कि इस जनविरोधी प्राधिकरण के कारण आज पर्वतीय क्षेत्र की मध्यमवर्गीय एवं गरीब जनता को अपने भवनों का निर्माण करने में बेहद दिक्कतों का सामना करना पढ़ रहा है।और जो भवन बन भी रहे हैं उनमें भारी भरकम शुल्क प्राधिकरण को देना पड़ रहा है।श्री कर्नाटक ने कहा कि इस प्राधिकरण के कारण पहाड़ों में पलायन की सी स्थिति पैदा हो रही है।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के द्वारा मात्र प्राधिकरण की समाप्ति की घोसड़ा कर देने से ही काम नही चलने वाला।सरकार को इस आशय से शासनादेश जारी कर प्राधिकरण समाप्ति के स्पष्ट आदेश देने चाहिए तथा स्पष्ट आदेश के तहत नगरपालिकाओं को भवन मानचित्र स्वीकृति के लिए अधिकृत किया जाना चाहिए।श्री कर्नाटक ने कहा कि प्रदेश सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि वर्तमान में यदि कोई अपने लिए भवन निर्माण करवाना चाहता है तो वह भवन मानचित्र स्वीकृति के लिए कहां जाए?क्या भवन मानचित्र स्वीकृत के लिए वर्तमान में प्राधिकरण को अधिकार दिये गये हैं या नगरपालिकाओं को?अथवा यह स्पष्ट करे कि बिना नक्शा स्वीकृत कराये ही क्या भवनों का निर्माण होना है?उन्होंने कहा कि बड़ी दुर्भाग्य की बात है कि आज साढ़े तीन सालों से सर्वदलीय संघर्ष समिति के बैनर तले स्थानीय लोग लगातार जनविरोधी जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण को समाप्त करने की मांग को लेकर आन्दोलनरत है,दर्जनों की संख्या में समिति द्वारा प्राधिकरण समाप्ति की मांग को लेकर ज्ञापन माननीयों को भेजे जा चुके हैं।परन्तु अभी तक प्रदेश की भाजपा सरकार प्राधिकरण पर कोई ठोस और स्पष्ट निर्णय नहीं ले पायी है।श्री कर्नाटक ने कहा कि प्रदेश सरकार भी यह भली भांति समझ ले कि जब तक सरकार स्पष्ट रूप से प्राधिकरण समाप्त कर भवन मानचित्र स्वीकृति सम्बन्धित समस्त अधिकार नगरपालिका को नहीं दे देती तब तक समिति का आन्दोलन जारी रहेगा।धरने की अध्यक्षता समिति के संयोजक नगरपालिका अध्यक्ष प्रकाश चन्द्र जोशी ने तथा संचालन उपपा की केन्द्रीय सचिव आनन्दी वर्मा ने किया।धरने में नगरपालिका अध्यक्ष प्रकाश चन्द्र जोशी,अर्बन बैंक के चैयरमैन आनन्द सिंह बगडवाल,प्रवक्ता राजीव कर्नाटक,दीपांशु पाण्डेय,उपपा की आनन्दी वर्मा,राजू गिरी,ललित मोहन पन्त,देवेश चम्याल,वैभव,अख्तर हुसैन, लक्ष्मण सिंह ऐठानी सहित अनेकों लोग उपस्थित रहे।
