अल्मोड़ा-आज प्रैस को जारी एक बयान में नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष सुशील साह ने कहा कि सरकार द्वारा लगाए गए नए टैक्स जो की पैक्ड दही,लस्सी,छांछ समेत खान पान की चीजों पर लगा दिया है ये जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने जैसा है।इसमें सभी जरूरी वस्तुओं को लिया गया है।जरूरी वस्तुओं पर टैक्स लगाना सरकार की स्पष्ट मंशा दर्शाती है कि सरकार गरीब विरोधी है।किसी भी व्यापारिक संगठन को बिना विश्वास मे लिए इस प्रकार के फरमान को लागू कर देना भी यही दिखाता है कि सरकार केवल अपने कोष की चिंता कर रही है।गरीब और निर्धन लोग सरकार के लिए मात्र एक जनसंख्या है,उनके हितों की सरकार लागतार अनदेखी कर रही है।जहां एक ओर महंगाई आसमान चीरने को तैयार है वहीं दूसरी ओर राहत देने के बजाय सरकार टैक्स को बड़ा रही है और उन सामानों पर भी टैक्स लगा रही है जो अति आवश्यक की श्रेणी में आते हैं। जिसका सीधा असर गरीब तबके पर पड़ रहा है।आज जिस स्थिति में श्रीलंका पहुंचा है और पूरी अर्थव्यवस्था चरमरा गई है,अगर सरकार की यही व्यापार विरोधी और गरीब विरोधी नीति चलती रही तो जल्द ही भारत भी श्रीलंका बनने में समय नहीं लगाएगा।उन्होंने कहा कि सरकार को मध्यमवर्गीय एवं गरीब जनता के बारे में भी सोचना चाहिए।महंगाई को रोकने के लिए कोई ठोस नीति बनाने के बजाय सरकार लगातार आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाकर उनके दाम बढ़ा रही है।ऐसी स्थिति में मध्यमवर्गीय एवं गरीब वर्ग के सामने अपने परिवार का पालन पोषण तक करना मुश्किल हो जाएगा।उन्होंने सरकार से मांग की है कि जरूरी वस्तुओं पर सरकार द्वारा जो टैक्स बढ़ाया गया है सरकार उसे वापस ले।

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