अल्मोड़ा-आज भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जन्म जयंती के अवसर पर मयंक पैलेस चौघानपाटा में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमे वक्ताओ ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन पर प्रकाश डाला।नगर अध्यक्ष विनीत बिष्ट ने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित किया।उन्होंने एक देश,एक विधान के सिद्धांत को आगे बढ़ाया और युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित किया।उनके विचार आज भी सभी देशवासियों के लिए मार्गदर्शक हैं।डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन संघर्ष और देशभक्ति से भरा था।उन्होंने युवाओं से मुखर्जी के आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।नगर अध्यक्ष विनीत बिष्ट ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा की डॉ मुखर्जी के महान योगदान को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने देश के सम्मान,गरिमा और गौरव की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।विनीत बिष्ट ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें राष्ट्र का अमर सपूत बताया तथा भारत की एकता,गौरव और विकास के लिए उनके आजीवन समर्पण की सराहना की।इस अवसर पर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रवि रौतेला ने राष्ट्र के अमर सपूत डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनकी जन्म-जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश की आन-बान और शान की रक्षा के लिए उन्होंने अपने प्राण न्योछावर कर दिए।उनके आदर्श और सिद्धांत विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में बहुमूल्य हैं।जम्मू-कश्मीर से दो विधान,दो निशान और दो प्रधान समाप्त करने के लिए श्रद्धेय डॉ मुखर्जी अपने जीवन के अंतिम क्षणों तक संघर्षरत रहे।कश्मीर से धारा-370 हटाकर उनके स्वप्न को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने साकार किया है।
माँ भारती की एकता,अखंडता और सम्मान के लिए दिया गया आपका अमर बलिदान अनंतकाल तक देशवासियों को राष्ट्रसेवा और समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।जिला उपाध्यक्ष कैलाश गुरुरानी ने डॉ मुखर्जी के जीवन,मूल्यों और भारत के लिए उनके दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला।
बताया कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को हुआ था।वे कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के कुलपति बने। उन्होंने शिक्षा को स्वाभिमान से जोड़ा। 1929 में बंगाल विधान परिषद में गए।उन्होंने संयुक्त बंगाल के षड्यंत्र को विफल किया।नेहरू सरकार में मंत्री रहे पर त्यागपत्र दे दिया।उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना की। धारा 370 का विरोध करते हुए बलिदान दिया।मेयर अजय वर्मा ने कहा कि बंगाल के सपूत डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी कहते थे कि कोई भी राष्ट्र अपनी ऊर्जा से ही सुरक्षित रह सकता है।उन्हें देश के संसाधनों और देश के सामर्थ्यवान लोगों पर अटूट विश्वास था।प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोविंद पिल्खवाल ने भी डॉ मुखर्जी के दूरदर्शी दृष्टिकोण की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण, शिक्षा और भारत की परमाणु नीति को आकार देने में उनका योगदान अपने समय से बहुत आगे था।कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आज की भारतीय जनता पार्टी के वैचारिक पूर्ववर्ती हैं।उनको को एक कट्टर राष्ट्रवादी,दूरदर्शी राजनीतिक नेता और भारत की संप्रभुता और प्रगति के लिए प्रतिबद्ध शिक्षाविद के रूप में याद किया जाता है।बैठक का संचालन नगर महामंत्री अर्जुन बिष्ट व देवेन्द्र भट्ट ने सामूहिक रूप से किया। गोष्ठी में पूर्व दर्जा राज्य मंत्री गोविंद पिलख्वाल,पूर्व जिलाध्यक्ष रवि रौतेला,नगर निगम मेयर अजय वर्मा, जिला उपाध्यक्ष कैलाश गुरुरानी,नगर अध्यक्ष विनीत बिष्ट,निवर्तमान अध्यक्ष मनोज जोशी,नगर महामंत्री पार्षद अर्जुन बिष्ट,नगर महामंत्री देवेंद्र भट्ट, नगर मंत्री पार्षद मीरा मिश्रा,नगर मंत्री पार्षद राहुल जोशी,नगर मंत्री आनंद भोज,नगर मंत्री कमल वर्मा,मनोज सनवाल,दीपा अधिकारी,कविता वर्मा,प्रीती रस्तोगी,कमला तिवारी,पूर्व ग्रामीण मंडल अध्यक्ष ललित मेहता, संदीप श्रीवास्तव,मनीष जोशी,दीपक भंडारी,निशा बिष्ट,भारत भूषण,रमेश मेरी,पूरन रावत नरेश बिष्ट आदि लोग उपस्थित रहे।
