अल्मोड़ा-आज 25 ग्राम सभाओं के पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा एक आम बैठक की गई जिसमें कहा गया कि सरकार द्वारा जबरन पच्चीस ग्राम सभाओं को नगर पालिका में शामिल करने का जो प्रस्ताव पास किया गया है उस तुगलकी फरमान के खिलाफ समस्त पंचायत प्रतिनिधियों में भारी रोज व्याप्त है।यदि शासन द्वारा ग्राम सभाओं को जबरन नगरपालिका में मिलाने की कोशिश की गई तो समस्त ग्राम सभाओं की जनता और जन प्रतिनिधि हर स्तर पर इसका कड़ा विरोध करेंगे। पूर्व प्रधान हरीश कनवाल ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण क्षेत्रों को नगर निगम में शामिल कर भारी भरकम टैक्स वसूलने की जो साजिश रची जा रही है इसे किसी भी सूरत में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी मुश्किल से जिला पंचायत कार्य कर रही है गांव के विकास और सृढृढीकरण के लिए पंचायतों द्वारा कार्य किया जा रहे हैं।ऐसे में नगर निगम में ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल कर टैक्स के नाम पर भारी भरकम शुल्क ठोकने की कवादत बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नगर निगम में शामिल करने से पहले ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिकी,भौगोलिक परिस्थिति एवं धरातलीय परिस्थिति का गहनता से अध्ययन कर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की जनता को कागजों में नगर निगम में शामिल कर लेने से जनता को कोई लाभ नहीं होने वाला।यदि शासन जनता की भलाई ही चाहता है तो पहले धरातल पर ग्रामीण क्षेत्रों में जनता को रास्तों,सड़कों, रात्रि पर प्रकाश व्यवस्था,सीवर लाईन,खेल मैदान,समुचित पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराए।इसके बाद ग्रामीण क्षेत्र की भोली भाली जनता से नगर निगम के नाम पर कर वसूलने की सोचें।आज की बैठक में क्षेत्र पूर्व प्रधान हरीश कनवाल,नवीन सिंह,विपिन बिष्ट,विनोद लटवाल, किशन बिष्ट,पिंकी बिष्ट,हंसा मर्तोलिया,शेर सिंह लटवाल,महेंद्र सिंह रावत,मदन बिष्ट,सहित दर्जनों प्रधान, पूर्व प्रधान और पंचायत प्रतिनिधि शामिल रहे।
