अल्मोड़ा- ऐतिहासिक मल्ला महल में आयोजित सात दिवसीय जय गोल्ज्यू महोत्सव-2026 के दूसरे दिन सांस्कृतिक, साहित्यिक और कलात्मक कार्यक्रमों की धूम रही। महोत्सव की स्टार नाइट में देश के विभिन्न क्षेत्रों की लोकसंस्कृतियों की झलक देखने को मिली। पारंपरिक लोकनृत्यों, संगीत, रैप, कथक और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं, एकल नृत्य प्रतियोगिता और युवा कवि सम्मेलन में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर खूब सराहना बटोरी। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, साहित्यकारों, कलाकारों और संस्कृति प्रेमियों ने भागीदारी की।महोत्सव के दूसरे दिन आयोजित कार्यक्रमों का उद्देश्य उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करने के साथ ही देश के विभिन्न राज्यों की लोककलाओं को एक साझा मंच प्रदान करना रहा। ऐतिहासिक मल्ला महल में आयोजित इस सांस्कृतिक आयोजन ने अल्मोड़ा की कला, साहित्य और लोकपरंपराओं के प्रति लोगों की रुचि को भी रेखांकित किया।जय गोल्ज्यू महोत्सव की स्टार नाइट दूसरे दिन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रही। इसमें विभिन्न राज्यों की पारंपरिक लोककलाओं और नृत्य शैलियों का प्रदर्शन किया गया। पश्चिम बंगाल की ओर से रायवंशी लोकनृत्य, राजस्थान की सहरिया लोकसंस्कृति, कश्मीर की रौफ नृत्य शैली और हरियाणा के घूमर की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विविध रंगों से सराबोर कर दिया।इन प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को देश के अलग-अलग क्षेत्रों की सांस्कृतिक परंपराओं से रूबरू होने का अवसर मिला। पारंपरिक वेशभूषा, लोकलय और नृत्य की विशिष्ट शैलियों ने कार्यक्रम को आकर्षक बनाया। विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक पहचान को मंच पर प्रस्तुत करने का यह प्रयास महोत्सव की विशेषता के रूप में सामने आया।इसके अलावा अल्मोड़ा के प्रेमार्थ कथक कला केंद्र की ओर से भी प्रस्तुति दी गई। कथक की शास्त्रीय परंपरा ने कार्यक्रम में भारतीय शास्त्रीय नृत्य की सुंदरता को सामने रखा। कथक नृत्यांगना काव्या बिष्ट ने भी अपनी प्रस्तुति से सांस्कृतिक कार्यक्रम में विशेष योगदान दिया।स्टार नाइट में संगीत प्रेमियों के लिए भी आकर्षक प्रस्तुतियां रखी गईं। गायिका शिवानी नेगी और गायक नवीन पाठक ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में संगीत का रंग भरा। वहीं, अभिजय गोस्वामी की रैप प्रस्तुति ने कार्यक्रम में आधुनिक संगीत का नया अंदाज जोड़ा। लोकसंस्कृति, शास्त्रीय नृत्य और आधुनिक संगीत के इस संगम ने स्टार नाइट को बहुआयामी स्वरूप प्रदान किया।महोत्सव के अंतर्गत आयोजित एकल नृत्य प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी नृत्य प्रतिभा और मंच कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में स्वाति ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। आरोही द्वितीय और भाविका तृतीय स्थान पर रहीं।प्रतियोगिता में प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों के माध्यम से नृत्य के प्रति युवाओं की रुचि और उनकी रचनात्मक क्षमता सामने आई। इस प्रकार के आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के साथ ही उन्हें अपनी कला को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर देते हैं।महोत्सव में प्रतियोगिताओं के आयोजन से युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिला। आयोजन के माध्यम से कला के विभिन्न रूपों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया।सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ महोत्सव में साहित्यिक गतिविधियों को भी प्रमुखता दी गई। दूसरे दिन आयोजित युवा कवि सम्मेलन का शीर्षक ‘विकसित भारत’ रहा। सम्मेलन में युवा प्रतिभागियों ने कविता के माध्यम से देश के विकास, भविष्य और समकालीन विषयों को अभिव्यक्ति देने का प्रयास किया।युवा कवि सम्मेलन में खुशी सलाल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। खुशी जोशी द्वितीय और मोनिका पंत तृतीय स्थान पर रहीं। प्रतियोगिता ने युवा साहित्यकारों को अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने का मंच उपलब्ध कराया।कविता और साहित्य के माध्यम से युवाओं की सोच, कल्पनाशीलता तथा सामाजिक सरोकारों को सामने लाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम ने महोत्सव में साहित्यिक रंग भी जोड़ा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच युवा कवियों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि लोककला और साहित्य किसी भी समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि में पूर्व विधायक एवं पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, पूर्व दर्जा मंत्री कैबिनेट स्तर बिट्टू कर्नाटक, उत्तराखंड सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष ए.के. सिकंदर पवार और महेश जोशी उपाध्यक्ष हरियाणा कला परिषद सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। अतिथियों ने महोत्सव को लेकर अपने विचार व्यक्त किए और सांस्कृतिक आयोजनों के महत्व पर चर्चा की।वक्ताओं ने अपने संबोधन में ऐसे आयोजनों को लोकसंस्कृति, कला, साहित्य और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने वाला मंच बताया। इस प्रकार के महोत्सव विभिन्न क्षेत्रों के कलाकारों और प्रतिभागियों को एक साथ लाने के साथ ही सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन में योगदान देते हैं।महोत्सव के माध्यम से स्थानीय कलाकारों, युवाओं और साहित्यिक प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। साथ ही, देश के विभिन्न राज्यों की लोककलाओं की प्रस्तुतियां सांस्कृतिक विविधता को समझने और आपसी सांस्कृतिक संवाद को मजबूत बनाने में सहायक होती हैं।जय गोल्ज्यू महोत्सव के दूसरे दिन आयोजित कार्यक्रम में महेश जोशी हरियाणा कला परिषद के उपाध्यक्ष, जिला पर्यटन अधिकारी पी.के. गौतम, डॉ. लक्ष्मण सुथार, डॉ. मंजूषा सुथार, डॉ. जीवन मपवाल, डॉ. निधि मंगल, डॉ. संतोष बिष्ट, श्वेता उपाध्याय जिला सहकारी बैंक की वरिष्ठ शाखा प्रबंधक, दीपक भट्ट, कमल वर्मा, भागवत बिष्ट, बच्चू लाल वर्मा, रश्मि पांडे, हिमाली जोशी, निकिता मेहरा, आशीष संतोलिया और भास्कर जोशी सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियों में लोगों की सहभागिता देखने को मिली। महोत्सव में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अतिथियों की उपस्थिति ने आयोजन को व्यापक स्वरूप प्रदान किया।कार्यक्रम का संचालन भावना मल्होत्रा ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों को क्रमबद्ध रूप से आगे बढ़ाया। आयोजन मंडल की ओर से महोत्सव के सफल संचालन के लिए व्यवस्थाएं की गईं।आयोजन मंडल से जुड़े प्रकाश बिष्ट, रवि रौतेला, विनीत बिष्ट, शुभम रौतेला, मयंक रौतेला, नैना बिष्ट, ललित, अमर बोरा और नीरज चौहान, मनोज जोशी, हरीश सतवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।जय गोल्ज्यू महोत्सव के दूसरे दिन आयोजित स्टार नाइट ने लोकनृत्य, शास्त्रीय कला, आधुनिक संगीत और साहित्य को एक मंच पर प्रस्तुत किया। एकल नृत्य प्रतियोगिता और युवा कवि सम्मेलन में प्रतिभाओं को सम्मानजनक मंच मिला, वहीं विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देश की विविध परंपराओं से परिचित कराया। सात दिवसीय महोत्सव के तहत आयोजित ये गतिविधियां अल्मोड़ा की सांस्कृतिक पहचान को सामने लाने और कला-साहित्य के प्रति नई पीढ़ी की रुचि बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण रहीं।

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