अल्मोड़ा-आज जारी एक बयान में यूथ कांंग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता वैभव पाण्डेय ने कहा कि जहां सरकार एक ओर सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स से पांच लाख तक के फ्री ईलाज के नाम पर गोल्डन कार्ड के नाम पर प्रतिमाह ढाई सौ से एक हजार रूपये तक की कटौती कर रही है वही दूसरी ओर इस गोल्डन कार्ड योजना का लाभ ना ही सरकारी कर्मचारियों और ना ही पेंशनर्स को मिल पा रहा है।उन्होंने कहा कि गिने चुने निजी चिकित्सालयों को इस योजना में शामिल किया गया है और उन चिकित्सालयों में भी जरूरी ईलाज उपलब्ध नहीं है।श्री पाण्डेय ने कहा कि यदि सरकार सरकारी कर्मचारियों के वेतन से प्रतिमाह 250 से 1000 तक की भारी कटौती कर रही है तो कर्मचारियों को सभी निजी चिकित्सालयों में ईलाज उपलब्ध करवाए।अन्यथा फ्री ईलाज के नाम पर कर्मचारियों के वेतन और पेंशन से कटौती बन्द करे।श्री पाण्डेय ने कहा कि आज इस कोरोनाकाल में फ्री ईलाज की सबसे ज्यादा जरूरत है लेकिन गोल्डन कार्ड केवल सफेद हाथी सिद्व हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि जब सरकार ने गोल्डन कार्ड के नाम पर पांच लाख तक का फ्री ईलाज देने का वादा किया था तो सरकार को यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए था कि वह प्रदेश के सभी निजी चिकित्सालयों को भी इसमें शामिल करे।श्री पाण्डेय ने कहा कि खानापूर्ति के नाम पर कुछ निजी चिकित्सालय तो गोल्डन कार्ड योजना में डाल दिये गये परन्तु यह चिकित्सालय खुद ऐसें हैं कि इन्हें स्वयं ईलाज की दरकार है।श्री पाण्डेय ने कहा कि प्रदेश सरकार या तो तुरन्त प्रदेश के सभी चिकित्सालयों में इस गोल्डन कार्ड का लाभ सरकारी कर्मचारियों को दिलवाये या गोल्डन कार्ड के नाम पर कर्मचारियों से की जा रही अवैध वसूली को बन्द करे।
वैभव पाण्डेय
प्रदेश प्रवक्ता
यूथ कांंग्रेस
