अल्मोड़ा-उत्तराखंड भाषा संस्थान की ‘विभिन्न भाषाओं में पुस्तक प्रकाशन-अनुदान योजना-2025’ के अंतर्गत वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार गणेश पांडेय की कुमाउनी भाषा की पांडुलिपि का चयन किया गया है। ‘अणहोति (कुमाउनी कुड़लिया)’ शीर्षक से तैयार इस पांडुलिपि का प्रकाशन उत्तराखंड भाषा संस्थान, देहरादून के सहयोग से किया जाएगा। संस्थान की ओर से इस योजना के तहत प्रदेश के साहित्यकारों, लेखकों और कवियों से पुस्तक प्रकाशन के लिए 27 सितम्बर 2025 को आवेदन आमंत्रित किए गए थे। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्राप्त पांडुलिपियों की समीक्षा के लिए विद्वान साहित्यकारों की एक समिति गठित की गई, जिसने विभिन्न मानकों के आधार पर पांडुलिपियों का मूल्यांकन किया। समिति ने गणेश पांडेय की कुमाउनी पांडुलिपि “अणहोति (कुमाउनी कुड़लिया)” को प्रकाशन अनुदान के लिए उपयुक्त मानते हुए इसकी संस्तुति की। संस्थान द्वारा इस पुस्तक के प्रकाशन हेतु 23,775 रुपये (तेईस हजार सात सौ पिचहत्तर रुपये) की अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। यह योजना राज्य की विभिन्न भाषाओं और बोलियों के संरक्षण तथा साहित्यिक सृजन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत स्थानीय भाषाओं में गुणवत्तापूर्ण साहित्य के प्रकाशन को बढ़ावा दिया जा रहा है। गणेश पांडेय की पांडुलिपि के चयन को कुमाउनी भाषा और साहित्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।






