अल्मोड़ा-एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफीसर्स एसोसिएशन कुमाऊं मण्डल नैनीताल के सचिव धीरेन्द्र कुमार पाठक ने कहा कि शासन और विभाग द्वारा सेवा अभिलेखों के डिजिटाइजेशन हेतु कोरोना जैसी महामारी के बीच भी देहरादून जाने का दबाव बनाया जा रहा है और अभी तक सेवा अभिलेखों के डिजिटाइजेशन के आदेश को स्थगित नहीं किया गया है जिससे एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफीसर्स एसोसिएशन कुमाऊं मण्डल नैनीताल में सदस्यों व पदाधिकारियों में भारी रोष व्याप्त है।उन्होंने कहा कि शिक्षा निदेशक,शिक्षा सचिव वित्त सचिव को अवगत कराने के बाद भी विभाग व शासन कुंभकर्ण की नींद में सोये हुए है।उन्होंने मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार से अनुरोध किया है कि कोरोना जैसी महामारी को दृष्टिगत रखते हुए फिलहाल डिजिटाइजेशन को स्थगित रखा जाय और भविष्य में जनपदों के ब्लाक कार्यालय में ही करने हेतु निर्देश किया जाय।उत्तराखंड में संवाद हीनता चरम पर है और कार्मिकों की बातों को नहीं सुना जा रहा है एक ही बात को दस बार कहने के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है । पदोन्नति संशोधन के प्रकरणों को भी लंबित रखा गया है जबकि इसी मुद्दे सहित सभी पदों पर भर्ती वर्ष के भीतर पदोन्नति कराने,काउंसिलिंग,सभी पदों पर पदोन्नति संशोधन हेतु संगठन द्वारा ऊधमसिंह नगर में सात दिन तक आमरण अनशन भी किया गया था। काउंसिलिंग व प्रधान सहायक के पद पर पदोन्नति हेतु भी निर्णय नहीं लिया गया है।धीरेन्द्र कुमार पाठक सचिव कुमायूं मंडल नैनीताल द्वारा कहा गया है आमरण अनशन के बाद भी विभाग द्वारा सभी मामलों को समय निस्तारण नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है सभी मामलों को निस्तारित किया जाय।आठ महीने बाद भी प्रकरणों को निस्तारित नहीं किया जाना विभाग की लचर व्यवस्था को दर्शाता है।जगमोहन खाती मंडल अध्यक्ष,जिलाध्यक्ष अल्मोड़ा पुष्कर सिंह भैसोड़ा,जिला मंत्री अल्मोड़ा पंकज जोशी,जिलाध्यक्ष बागेश्वर विजय रावत,सचिव इंद्रेश कोरंगा,अध्यक्ष ऊधमसिंह नगर वीरेन्द्र पांडेय,सचिव हरजीत,अध्यक्ष चंपावत नगेन्द्र जोशी,सचिव रविन्द्र पांडेय, अध्यक्ष पिथौरागढ़ सौरभ चंद,सचिव कैलाश बिष्ट,अध्यक्ष नैनीताल हरिशंकर नेगी व सचिव तरुण तिवारी द्वारा भी सभी मामलों के निस्तारण की मांग की है।शिक्षा निदेशालय की लचर व्यवस्था के कारण कुमाऊं मण्डल में रोष व्याप्त है।धीरेन्द्र कुमार पाठक सचिव कुमायूं मंडल नैनीताल द्वारा कहा गया है कि विभाग द्वारा सभी मामलों को निस्तारित करने की आवश्यकता है विभाग द्वारा पहले ही काफी समय नष्ट कर दिया गया है।उन्होंने कहा कि विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान,शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय,पेयजल मंत्री विशन सिंह चुफाल,बाल विकास मंत्री श्रीमती रेखा आर्य व विधायक राजकुमार ठुकराल,विधायक श्रीमती चन्द्रा पंत द्वारा भी शिक्षा निदेशक सहित विभाग के अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।किन्तु अधिकारियों द्वारा अपना रवैया नहीं बदला गया है जिससे सदस्यों में विभाग के अधिकारियों के खिलाफ रोष व्याप्त है।उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा निर्णय नहीं लिया गया तो फिर से आंदोलन की कार्यवाही की जा सकती है जिसका संपूर्ण जिम्मेदारी विभाग की होगी।विभाग द्वारा मिनिस्ट्री यल कार्मिकों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है इसे किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। संगठन का विरोध जारी रहेगा।संगठन द्वारा विभाग के शिक्षा निदेशक सहित सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी व प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापक को भी पत्र निर्गत किया है कि किसी भी कार्मिक को जान माल की क्षति पहुंचने पर सम्पूर्ण उत्तरदायित्व विभाग का होगा।किसी भी कार्मिक को कोरोना के दृष्टिगत जबरन डिजिटाइजेशन हेतु देहरादून न भेजा जाय